कानपुर के युवाओं ने कोरोना काल के इस लॉक डाउन की कठिन परिस्थितियों में भी आपसी सहयोग से सरकार के साथ कंधा से कंधा मिला कर इस मुश्किल घड़ी में अपना कर्तव्य निभाया जो कि अत्यंत काबिले तारीफ है और "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की अवधारणा को चरितार्थ करता है |
युवाओं के एक समूह के द्वारा आपसी सहयोग से सड़क किनारे रहने वाले गरीब परिवार तथा झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले नागरिकों को खाने के लिए भोजन तथा 6 माह से कम बच्चों के लिए 15 लीटर दूध वितरित किया जा रहा है |
जिसमें टीम जूही गढ़ा, जूही राखी मंडी, जूही टायर मंडी, मिलेट्री कैंप कॉलोनी तथा किदवई नगर जैसे इलाकों में नियमित रूप से 250 से अधिक लोगों को भोजन करा रही है |
टीम द्वारा न सिर्फ क्षेत्र के नागरिकों बल्कि जानवरों के लिए भी नियमित भोजन व चारे का प्रबंध किया जा रहा है और मानवता का फर्ज़ निभाते हुए कानपुर नगर के नागरिकों में जागरूकता के लिए बस्तियों एवं मोहल्लों व सोसाइटी आदि में कोरोना वायरस से बचने के उपाए बताए जाने के साथ ही सेनीटाइजेशन का कार्य कर इस कार्यक्रम को सफलता के पैमाने पर स्थापित किया जा रहा है |
टीम में सुमित , प्रतीक , जयपाल , सरलेश तथा अजय सक्रिय सहयोग दे रहें हैं | आपको बताते चलें कि यह टीम शहर के वरिष्ठ नागरिकों , दिव्यांगजनों तथा श्रमिकों के लिए शासन द्वारा प्रदान की जा रही योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही गंभीर रूप से बीमार वृद्धजनों के उपचार हेतु चिकित्सीय परामर्श व औषधियों को उपलब्ध कराने का कार्य भी बेहतरीन प्रकार से कर रहे हैं |
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