Tuesday, April 7, 2020

कोरोना वायरस में क्या करें क्या न करें


आज का समय, कल का इतिहास होगा और इतिहास के कई पन्नों यह गवाही दे रहे हैं कि संपूर्ण मानवजाति को हर सौ वर्षों में एक बार ऐसी महामारियों से लड़ना पड़ा है जिसके कारण मनुष्य और उसकी रोजमर्रा के कार्यशैली पर विराम लगता रहा है। इन महामारियों के समय पर इलाज न होने पर कई मासूमों को जान गंवानी पड़ीं। इतिहास के बीते समय से सबक लेकर इन्सान को सतर्क रहने की आवश्यकता है परन्तु लगातार बढ़ती टेक्नोलॉजी, व्यस्त जीवन और लापरवाही में मानव यह भूल गया कि आदमी को अपने कार्यो और गति को नियंत्रित करने की आवश्यकता है।
कुछ बुनियादी नैतिकता और नियमों को पालन करने की आवश्यकता है।
मानवता को न भूलकर; भगवान् पर विश्वास बनाये रखने की आवश्यकता है।
खुदके द्वारा किये गए नवाचारों और अविष्कारो पर गर्व महसूस करके खुदको भगवान् मानने की मूर्खता न करके, सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
इन महामारियों की ऐतिहासिक रिपोर्ट के अनुसार :-
1720 – प्लेग या ताऊन, ब्लैक डैथ।
1820 – काॅलरा या हैजा।
1920 – ब्रबोनिक प्लेग या स्पेनिश फ्लू ।
2020 -कोरोना वायरस या कोविड़-19 ।


🔅ध्यानपूर्वक सोचने की बात यह है कि ” कोरोना वायरस (कोविड-19) ” कहां से और केसे आया ?
👉🏻 क्या यह कोरोना नहीं कर्मा हैं?
👉🏻 क्या यह भगवान् का अभिशाप हैं?
👉🏻 क्या यह किसी वनजीव का कोई वायरस हैं?
👉🏻 क्या यह कोई प्राकृतिक आपदा है?
👉🏻 क्या यह किसी पवित्र आत्मा की भविष्यवाणी है जिसे कई लोग धर्म से जोडकर यह दावा करते हैं कि यह इनके ईश्वर के दूत की भविष्यवाणी है ताकि मानव अपने दुष्कर्मों पर लगाम लगा सके?
👉🏻 क्या यह चीन देश द्वारा स्वनिर्मित वायरस है; जो चीन देश ने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बायोवार यानि जैव हमले के लिए उपयोग करने के इरादे से बनाया हे?
कोरोना वायरस या कोविड़-19 के अस्तित्व का जो भी कारण हो पर आज यह अधिक घातक और जानलेवा वायरस पूरे विश्व में तेजी से फैल रहा है और कई मासूमों की जान ले चुका है।
जिसके विश्वभर में फैलने का विशेष कारण है लापरवाही आज लापरवाही आत्महत्या के समान है ।
लापरवाही यानि सरकार और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का लगातार उल्लंघन करना ।
इस घातक आपदा को गंभीरता से न लेना।केवल सरकार को इसे रोकने का जिम्मा सौंपना और इसके प्रसार से बचने के लिए अपने दम पर कोई प्रयास नहीं करना।
और इसका एकमात्र इलाज है “सावधानी”


कोरोना के फैलने के कारण
👉🏻 लापरवाही।
👉🏻 चीन द्वारा पूरे विश्व को गुमराह करना।
👉🏻 अधूरा ज्ञान।
👉🏻पहले से ही पीड़ित देशों से सबक नहीं लेना।
👉🏻 खुद को कोरोना संक्रमित होने के बावजूद भी सबसे छुपाना।
👉🏻 वनजीव और पशुओं के साथ छेड़छाड़।
👉🏻 सरकारी नियमों का उल्लंघन करना।
👉🏻 विदेश से आने वाले पर्यटकों की ठीक से स्कैनिंग न होना ।
👉🏻 सही और सच्चाई छुपाकर खुद के बचाव के लिए झूठी अफवाहें फैलाना।
👉🏻 सावधानी न बरतना।
👉🏻 बेवज़ह सड़कों पर घूमना।
👉🏻 पेट को कूड़ेदान समझना ;जीने के लिए खाने की जगह केवल खाने के लिए जीना जिस वजह से हर जीव को खा लेना।
👉🏻 खांसी, बुखार या अन्य शारीरिक पीड़ा को नजरअंदाज करना।
👉🏻बिना मास्क और शरीर को ढके इन दिनों बाहर निकलना।
👉🏻 विदेशी देशों से आई महामारी के दौरान अभी भी विदेश से ऑनलाइन खरीदारी करना।
👉🏻 हाइजीन, साफ-सफाई और सैनिटाइजेसन को लेकर लापरवाही बरतना।


क्या करें
👉🏻 खासी या छींकने पर मुहँ को अच्छी तरह से ढके, टिशू या मास्क का इस्तेमाल करे।
👉🏻अगर कोई व्यक्ति आपके बिल्कुल नजदीक खासे या छींके तो कुछ सेकंड तक टुकड़ों में साँस ले।
👉🏻सफाई के लिए अपने हाथों को लगातार धोते रहें। हाथ गंदे नहीं होने पर भी धोएं।
ध्यान रखें इन सभी कार्यों में लापरवाही न करें और अपने दोनो हाथ कोहनी तक लगभग 25-30 सेकंड तक अवश्य धोएं :-
👉🏻छींकने और खांसने के बाद।
👉🏻 बीमार व्यक्ति से मुलाकात के बाद।
👉🏻शौचालय के इस्तेमाल के बाद।
👉🏻 खाने बनाने और खाने के बाद।
👉🏻 पशुओं को छूने के बाद।
👉🏻 बाहर से आने के बाद।
👉🏻 घर और बाहर की सफाई के बाद।
👉🏻 सफर के दौरान।
👉🏻 कुछ भी खाने से पहले, दवा तक खाने से पहले।
👉🏻 दरवाजे के हत्थे को संभलकर छुए।
👉🏻 फलों और सब्जियों को अच्छे से धोएं। सब्जियों को अच्छे से पकाये।
👉🏻6 से कम और 60 से अधिक उम्र के सभी विशेष सावधानी बरतें।
👉🏻 रिमोट और मोबाइल फोन को हर 3-4 घण्टे मे सेनाटाइस करे।
👉🏻कमरे का तापमान ज्यादा रखे।
👉🏻 ताजी हवा के लिए खिड़कियां खुली रखे।
👉🏻 घर से बाहर मास्क और पूरे कपड़े पहनकर निकले।
👉🏻 यदि आपको खांसी और बुखार महसूस होता है तो लोगों से दूरी बनाए रखे और ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर को संपर्क करें ।
👉🏻 यदि आप खाने के लिए अपने दाहिने हाथ का उपयोग करते हैं और दाहिने हाथ से ही अपना अधिकतम कार्य भी करते हैं, तो कोशिश करे, अपने बाएं हाथ के उपयोग से छोटे-छोटे काम करे जैसे कि दरवाजे-खिड़कियों को खोलने और बंद करना, किसी भी बटन को दबाने, खरीदे गए सामान को पकड़ने और पैसों और सिक्कों को छूना।
👉🏻 यदि कोई आवश्यक पार्सल आता है तो उसे तुरंत न छूए बल्कि सावधानीपूर्वक उसे किसी टेबल पर रखवा कर एक दिन बाद खोले।
👉🏻खाने-पीने पर विशेष परहेज करें ; कोशिश करें कि घर का बना खाना खाये।
👉🏻सामाजिक दूरी बनाये रखें।


क्या न करें
👉🏻 लापरवाही और असावधानी न बरतें।
👉🏻 सरकारी और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का उल्लंघन न करें।
👉🏻 बेवज़ह घर से बाहर न निकलें।
👉🏻 खरीदारी या किसी अन्य कारणों में प्लास्टिक का उपयोग हरगिज न करें।
👉🏻 चेहरे, नाक और आँखों को छूने से बचे।
👉🏻 लिफ्ट के बटन हाथ से न दबाएं, पेन या अन्य वस्तु का प्रयोग करे।
👉🏻 वनजीव के साथ छेड़छाड़ न करे।
👉🏻 पशुओं को न छूए।
👉🏻वातावरण मे गंदगी न फैलाए।
👉🏻सामाजिक मेलजोल, भ्रमण और यात्रा, सार्वजनिक सम्मेलन, सभा, पिकनिक और सार्वजनिक पार्क मे फिलहाल जाने से परहेज करें।
👉🏻 पशुओं के मांस स को न खाएं।
👉🏻बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।
👉🏻अफवाहों या नकली कोरोना संबंधित वीडियो पर विश्वास न करें।
👉🏻 भीड़ में शामिल होने से बचें ।
👉🏻 सार्वजनिक स्‍थानों पर थूकने से बचें।
👉🏻 खेतों की ओर जाने, जीवित पशुओं के बाजार में जानें से बचें।
👉🏻 जहां जानवर का वध किया जाता हो, वहां जानें से बचें।
👉🏻 बुखार, खांसी और जुकाम हो तो यात्रा न करें।


करोना का वातावरण में असर
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। आज जहां पूरा विश्व इस गंभीर महामारी ” कोरोना वायरस (कोविड-19)” से जूझ रहा है, संपूर्ण मानवजाति कई प्रकार की आथिर्क और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहीं है वहीं इस वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए सभी यातायात, ट्रांसपोर्ट, छोटी-बड़ी सभी फैक्ट्रियों, कारखानों और मिलो पूरी तरह से बंद कर दी गई है। जिसके कारण इन फैक्टरियों से निकलने वाला जानलेवा एवं दूषित कूड़ा पर भी रोक लग गई है जोकि बहते पानी और सड़कों पर फ़ैका जाता है। वायु और जल प्रदूषण कुछ हद तक नियंत्रित है।
धरती पर हीटिंग गैसों जैसे कार्बोनडाईऑक्साइड और नाइट्रोगेन्डॉक्साइड का उत्सर्जन में तेजी से गिरावट आई है। सारे विश्वभर में एक साथ प्रदूषण में रूकावट की वजह से मानों प्रकृति खुद को ठीक एवं निरन्तर करने के लिए आत्मसात हो रही है। पर्यावरण में संतुलन बन रहा हैं।
👉🏻 सड़कों पर दुर्घटना हादसे नहीं हो रहे हैं।
👉🏻वनजीवो के व्यापार में रोक लग गई है।
👉🏻 पेड़ों को व्यापार कारण नहीं काटा जा रहा है।
👉🏻 वातावरण में हानिकारक उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी आई है।
👉🏻वायु और जल प्रदूषण में भारी कमी।
👉🏻 पानी नाव यातायात के अभाव में साफ होता दिखाई दे रहे हैं।
इतना बड़ा पर्यावरण संतुलन इतने बड़े विश्व स्तर पर करना नामुमकिन था।


कोरोना वायरस का समाज पर असर
👉🏻आज सरकार के आदेश के अनुसार सभी तरह के कार्यो मे प्रतिबंध लगा हुआ है जिसके कारण दैनिक मजदूर वर्ग को दो वक्त की रोटी जुटाने में भी काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं और गरीबी रेखा के नीचे जीवन बसर करने वाले लोगों को कई दिन तो भूखे पेट सोना पड़ा है।
👉🏻 यातायात सेवाएं पूरी तरह से बंद होने के कारण, अपने घरों से दूर किसी अन्य राजधानी में काम कर रहे मजदूरों को अपने घरों में वापसी के लिए मीलों पैदल चलने पड़ रह हैं और रास्ते में खाने के बंद ड़ाबो के कारण भूखे पैदल चलना पड़ रहा है।
👉🏻 सबकुछ बंद होने के कारण सड़कों पर रह रहे लावारिस जानवरों को भी भूख का सामना करना पड़ रहा हैं।
👉🏻 आज मानवता और देशभक्ति के कर्तव्य निभाने का समय है। हो सके तो गरीब मजदूरों और बेजुबान जानवरों के लिए रोटी का इंतजाम करे।
👉🏻 बिना कारण जाने घर से बाहर न निकलने वाले लोगों पर लाठी से हमला या दुर्व्यवहार न करें। सही कारण होने पर उस मजबूर व्यक्ति को सहयोग दे।
👉🏻 बेघर लोगों को मास्क, स्वच्छता उत्पाद प्रदान करे क्योंकि यही लोग सबसे ज्यादा मुश्किल समय से गुजर रहे हैं।
👉🏻 रोटी खिलाते समय या अन्य किसी प्रकार की जरूरत की चीजें देते समय, हाथों की उँगलियों से V बनाकर और टेढ़े-मेढ़े मुहँ बनाकर तस्वीर और सेल्फी न खींचे।
👉🏻 निस्वार्थ सेवा करते वक्त अपनी वाहवाही न करें। किसी की भी सहायता करते वक्त दान या अन्य किसी प्रकार की मदद लेने वालों की तस्वीरें बिना उनकी अनुमति के सोशल साइट्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर आदि में न डालें। किसी भी गरीब की भावनाओं को ढे़स न पहुंचाए ।
👉🏻 यदि कोई समाज कल्याण दल, गैर सरकारी संगठन या सामाजिक कार्यकर्ता ऐसे है जो इन दिनों कोरोना वायरस से किसी भी तरह से पीड़ित लोगों की सामाजिक मदद एवं आर्थिक मदद करने में जुटे हैं तो ऐसे समूह या लोगों की जानकारी आप ज्यादा से ज्यादा सबको दे, इन सहायक दलों की जानकारी आप निस्संदेह बिना किसी झिझक के अपनी सोशल साइट्स में डाले ताकि अन्य मजबूर और हालात द्वारा मजबूर व्यक्ति इनसे संपर्क कर सके। ऐसी सेवाओं की
वीडियो फैलाए ताकि इससे सबको प्रेरणा मिलती रहे और अधिक से अधिक लोग एकजुट होकर मानव एवं पशुओं की सेवा में अपना सहयोग दे।
👉🏻 यदि भूलवश इन्सान से कोई गलती या पाप हो जाता है तो हर व्यक्ति उसे समाज से छुपाने का गहरा प्रयास करता हैं ठीक उसी प्रकार निस्वार्थ की गयी;किसी भी तरह की और किसी भी प्राणी की सेवा को बढ़ाकर न दिखाए, बल्कि आपके द्वारा किए पुण्य से अपने बच्चों और आस-पड़ोस के लोगों को प्रेरणा दे और मानवता का कर्तव्य निभाए।


” करोना “का समय यानी ” करो ना का समय”
करो न असावधानी,
मिलाओ न हाथ,
सामाजिक दूरी बढाओ,
देश को बचाओ ।।
लापरवाही को छोड़ो,
स्वच्छता से नाता जोडो।
दो सरकार का साथ,
मानो प्रधानमंत्री जी की हर बात।
खासते और छिकते वक्त मुहँ को ढको,
बेवजह कदम घर से बाहर न रखो।
तापमान शरीर का अगर बड़े,
तो कोई भूल न करे।
तुरंत करवाना नजदीकी हस्पताल में जाँच ,
भेद न करना कोई किसी से,
इस संकट की स्थिति में एक ही है हम पांच(हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई और जैन)।।
दो रोटी खुद खाकर;
दो रोटी भूखे मजदूर और भूखे जानवर को भी खिलानी है।
पर विशेष ध्यान रखना होगा
कि करते समय इस पुण्यकर्म कोई तस्वीर नहीं खिंचवानी है ।।
दुआ करते हैं हमसब मिलकर कि
रहे सुरक्षित दुनिया का हर एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी और रहे सलामत हर चिकित्सा, सफाई कर्मचारी और सभी पुलिस अधिकारी।
न आए कोई विपत्ति इनपर,
दिल से हम सब इनके आभारी ।
इन्हीं सभी की तरह हमे भी पालन करना होगा हर नियम सरकारी।।
एकजुट होकर हम सभी को मानवता का कर्तव्य निभाना है।
अपनाकर इन्सानियत के धर्म को करोना को पूरे विश्व से मिटाना है।
किसी भी सुझाव और सलाह के लिए यहाँ सम्पर्क करें।
भारत सरकार, कोरोना हेल्प डेस्क फ़ोन नंबर
-📞90131 51515
जय हिंद🇮🇳
लेखिका – केसर रानी (परमीत)
जम्मू-कश्मीर


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