वैश्विक महामारी करोना की वजह से हुए लॉक डाउन में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है , जिसका सबसे बुरा प्रभाव आर्थिक रूप से सबसे निचले पायदान के लोगों पर पड़ रहा है |
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशांत किशोर के इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) “सबकी रसोई” नाम से एक कार्यक्रम शुरू कर रही है जिसके माध्यम से समाज के ज़रूरतमंद तबके को लॉकडाउन के दौरान रोजाना भोजन मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा | हालांकि सरकार अपनी तरफ से प्रयास कर रही है, लेकिन कई जगहों पर ज़रूरतों के सामने उसके संसाधन सीमित पड़ते दिख रहे हैं।
इन परिस्थितियों में सबकी रसोई एक "वर्चुअल किचन" के तौर पर काम करेगा जिसके माध्यम से समाज के सबसे ज़रूरतमंद लोगों के एक बड़े तबके को लॉकडाउन के दौरान रोजाना भोजन मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा।
ऐसे में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के साथ तीन संस्थाएं सहयोग करेंगी फूड प्रिपरेशन पार्टनर (खाना बनाने वाली बड़ी संस्थाएं) जो कि प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड वाली भोजन बनाने की संस्थाएं अपने कौशल एवं संसाधनों का उपयोग करते हुए स्थापित मानकों के अनुरूप अपने किचन में भोजन तैयार करेंगी।, दूसरी पैकेजिंग एवं डिलीवरी पार्टनर (खाने को पैक करने और पहुँचाने वाले लोग) जो कि उच्चतम मानकों का अनुपालन करते हुए भोजन के पैकेट तैयार करेंगी और नियत समय पर जरुरतमंदो तक पहुँचाना सुनिश्चित करेंगी।, और तीसरी ग्रासरूट फीडिंग पार्टनर (ज़मीनी स्तर पर भोजन कराने वाले व्यक्ति या संस्थाएँ) जिसमे कि 50 से अधिक लोगों को भोजन कराने की क्षमता या इच्छा रखने वाली संस्थाएं और व्यक्ति जरूरतमंदो को सम्मानपूर्ण तरीके से भोजन कराएंगी। इस दौरान वह लॉकडाउन के सभी प्रावधानों और सोशल डिस्टेंसिंग के दिशनिर्देशों का अनुपालन करेंगी।
“सबकी रसोई की शुरुआत 5 अप्रैल से हो चुकी है और अभियान अपने पहले चरण की ओर तीव्रता से प्रगतिशील है | जिसको सफल बनाने के लिए देशभर के 1,000 से अधिक मेधावी युवा एकजुट होकर इस कार्यक्रम को चला रहे हैं और चयनित शहरों में रोजाना 1.5 लाख लोगों को भोजन मुहैया कराएंगे।
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