Tuesday, April 7, 2020

माँ

 


कितनी प्यारी है वो माँ, जिसको पूछा भी हमने कहाँ |


माँ ने हमेशा हमारी मदद की, और उस माँ की हमने इबादत भी न की |


कितनी भोली थी वो माँ, जिसकी वजह से मैं आज यहाँ खड़ा हूँ |


तुम वापस आ जाओ न माँ, जाने मैं तुम्हारे बिना ये कहाँ खो गया हूँ |


 


कितनी प्यारी थी वो माँ, जिसकी वजह से मैं सुरक्षित हूँ |


वो माँ का प्यार था निराला , जिसकी वजह से आज मैं जिंदा हूँ |


वो रातें जब मैं याद करता हूँ, जब सोते समय वो माँ मुझे कहानियाँ सुनाया करती थी |


वो दिन जब मैं याद करता हूँ, जब वो माँ मुझे अपने हाथों से खिलाया करती थी |


वो माँ कितनी भोली थी, जिससे लगवाई ईश्वर ने रोली थी |


वो माँ को मेरा प्रणाम है, ओ माँ तू बहुत महान है |


वो माँ को मेरा प्रणाम है, ओ माँ तू बहुत महान है |


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