हम भटकते रहे यू उनकी तलाश में,
वो भी हमको भटकाते रहे!
हम अनजान थे उनकी महफ़िलों से,
वो भी हमकोअनजान बनाते रहे!
यूं तो हमसे बेहद प्यार करते हैं,
बंद कमरे में हमको ये समझाते रहे!
जब बात यू उड़ीं पूरे जमानें में,
वो मुकर गए हमसे, हमें अपना बनाने से!
हम याद करते रहे उनकें सभी वादों को,
वो भी हमको याद दिलाते रहे!
हम तो पागल थे उनके प्यार में,
वो भी हमको पागल बनाते रहे!
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