आज हमारा देश व पूरा विश्व कोरोना वायरस से जूझ रहा है इस मुश्किल घड़ी में साइबर अपराधियों को मौका नहीं देना चाहिए कि वह चारों तरफ भय फैलायें तथा हमें इस खतरे की कड़ी को भी तोड़ना है |
पूरा विश्व वायरस को रोकने में लगा है हमारे देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुरोध पर मार्च से ही लॉकडाउन लागू कर दिया गया था जिस कारण हमारा घर ही हमारा कार्यस्थल बन गया तथा इन्टरनेट मीटिंग करने का एक माध्यम भी बन गया । इस समय जो लोग इस तकनीक से बहुत ज्यादा परिचित भी नहीं थे, उन लोगों ने भी इसका प्रयोग करके अपनी जिन्दगी में इसको शामिल किया है तथा इसके द्वारा अपने विचारों को दूसरों तक पहुंचाया है । यहाँ तक कि सभी स्कूल व कॉलेज की पढ़ाई भी इन्टरनेट के माध्यम से की जा रही है उसी पर होमवर्क दिया जाता है तथा उसी पर प्रस्तुत (सबमिट) भी कराया जाता है यहाँ तक कि गांव में भी इसी सुविधा का प्रयोग किया जा रहा है । एक दूरसंचार विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मार्च के अंतिम एक सप्ताह में लगभग 3,00,000 टेराबाइट डाटा इस्तेमाल किया गया इस प्रकार कई सॉफ्टवेयर हैं जिनके इस्तेमाल से हम घर बैठे ही अपने ऑफिस की विभिन्न जिम्मेंदारियाँ निभा रहे हैं हम देखते हैं कि एक तरफ यह सुविधा कितनी सहायक है वही दूसरी तरफ इससे कई प्रकार के नुकसान भी हैं । जिसका हमें इस्तेमाल करने से पहले ध्यान रखना चाहिए । इस प्रकार की डिजिटल क्लासों का नुकसार सबसे ज्यादा हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है बच्चों का खेलना तो बन्द हो गया है तथा हाथ में मोबाइल या लेपटॉप आ गया है जिससे वह स्कूल व कॉलेज की कक्षायें करने के साथ-साथ सारा दिन उसी पर खेल खेलते रहते हैं या कभी इस प्रकार की विडियो भी देखते हैं जो उन्हें नहीं देखनी चाहिए । इससे बच्चों की आंखों पर असर पड़ रहा है और एक ही जगह पर बैठे रहने किसी-किसी को मोटापे की समस्या भी आ सकती है वैसे तो इस समय बाहर का वातावरण बहुत शुध्द हो गया है पक्षियों की आवाजें आने लगी है । पर जब बच्चे बाहर ही नहीं निकलेंगे तो खेलेंगें कैसे ?
वही बड़ों के लिए भी यह एक चुनौती का समय है । जहाँ आदमी अपनी रोजमर्रा की जिन्दगी में व्यस्त रहता था वहीं पर एकदम खाली हो गया है वह भी मोबाइल, लेपटॉप तथा कम्प्यूटर पर अपना समय निकालता है, जिसके कारण उसे कई स्वास्थ्य संबन्धि समस्या हो जाती है जिन लोगों को पहले से ही कोई स्वास्थ्य समस्या हो उन लोगों के साथ और बड़ी समस्या है |
इन सबके चलते हमें साइबर स्क्यिोरिटी के लिए जागरुक होना चाहिए कोविड-19 के समय पर जो सॉफ्टवेयर हम इस्तेमाल कर रहे हैं वह हमारे डाटा को सुरक्षित रखता है या नहीं ये पता होना चाहिए कई बार इस प्रकार के लिंक आ जाते हैं जो हमारे डिवाइस के लिए हारिकारक होते हैं तथा हमारा डाटा भी सुरक्षित नहीं रहता है । कई बार ई-मेल भी हैक हो जाती है जिसके द्वारा हमारी सारी जानकारी साइबर अपराधियों को मिल सकती है इस समय सब कुछ डिजिटल हो गया है । हम मोबाइल फोन का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं कई बार इसमें गलत खबर भी आ जाती है जैसे अभी 17 अप्रैल 2020 में ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने सभी टेक्निकल इंस्टीट्यूट से सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही गलत खबरों से सावधान रहने के लिए कहा है, काउंसिल ने सभी संस्थानों से किसी भी खबर के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट को ही मान्यता देने और मानने का निर्देश दिया है इसी प्रकार एक गलत खबर यह भी फैली कि वाटसएप ने अब केवल एक बार में एक चैट ही फॉरवर्ड होगी |
हाल में ही एक ऐप चला जो कि 100 लोगों को एक साथ जोड़कर विडियों कॉन्फेंसिंग कर सकता है वह जूम एप है जिसे लागों ने अपने सिस्टम तथा अपने मोबाइल पर इन्स्टाल किया जिसकी मदद से ऑनलाइन मीटिंग आदि होने लगी, इस ऐप की लोकप्रियता एकदम तेजी से बढी । कुछ समय बाद पता चला कि वह हमारे सिस्टम के आंकड़ों के लिए सुरक्षित नहीं है इसी के चलते भारत तथा विदेशों पर इस ऐप पर रोक लगाई गई अब इस ऐप को इस्तेमाल करने से पहले भारत की कंम्प्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम ने कुछ सावधानियां बताई । इन सब बातों का ध्यान रखते हुए इस ऐप को इस्तेमाल कर सकते हैं । जैसे पासवर्ड मुश्किल रखना चाहिए तथा बिना मेनेजर की आज्ञा के मीटिंग में भागीदारी नहीं कर सकते हैं |
इए प्रकार यह सुविधायों क तरफ हमारे लिए जरुरत बन गई हैं वहीं दूसरी तरफ परेशानी का कारण भी । इन सब के साथ-साथ हम अपने सिस्टम को किस प्रकार बचा सकते है ?
हमें अपने सिस्टम को इस्तेमाल करते समय निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए :
(1) अच्छा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टाल करें |
(2) कोई नकली सॉफ्टवेयर डाउनलोड न करें, इनके जरिये वायरस आपके सिस्टम में आ सकता है यह एक सॉफ्टवेयर है जो किसी की जानकारी या आंकड़े की चोरी के लिए बनाया जाता है |
(3) एंटीवायरस के नकली पॉप-अप पर कभी क्लिक न करें ।
(4) अपने सिस्टम के ऑपरेटिंग सिस्टम को हमेंशा अपडेट रखें |
(5) पायरेटड ऐप से हमेशा बचें |
(6) किसी एप को डाउनलोड करने से पहले परमिशन चेक करें ।
(7) अपना पासवर्ड कठिन रखें तथा घर के वाई-फाई को सिक्योर बनाएं ।
(8) फोन को लॉक करें |
(9) अगर आप का डिवाइस खो जाता है तो उन स्थिति में आप आंकडों को घर बैठे मिटा सकें, ऐसी व्यवस्था बनाएँ |
(10) ओपन इंटरनेट नेटवर्क से वित्तिय लेन-देन बिल्कुल न करें ।
अगर हम कुछ सावधानियों का पालन करें तो इस लॉकडाउन में हम अपने स्वास्थ्य और जिंदगी दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं और अनेक आनन्द उठा सकते हैं |
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