Thursday, May 28, 2020

शाकाहार


आदमी को, स्वाभाविक रूप से, शाकाहारी होना चाहिए, क्योंकि पूरा शरीर शाकाहारी, भोजन के लिए बना है। वैज्ञानिक इस तथ्य को मानते हैं कि मानव शरीर का संपूर्ण ढांचा दिखाता है कि आदमी गैर-शाकाहारी नहीं होना . चाहिए। आदमी बंदरों से आया है। बंदर शाकाहारी हैं, पूर्ण शाकाहारी। अगर, डार्विन सही है तो आदमी को शाकाहारी होना चाहिए |


चाहिए। अब जांचने के तरीके हैं कि जानवरों की एक . निश्चित प्रजाति शाकाहारी है या मांसाहारीः यह आंतं पर 'निर्भर करता है, आंतों की लंबाई पर। मांसाहारी पशुओं के पास बहुत छोटी आंत होती है। बाघ, शेर इनके पास बहुत ही छोटी आंत है, क्योंकि मांस पहले से ही एक पचा हुआ भोजन है। इसे पचाने के लिए लंबी आंत की जरूरत नहीं है। पाचन का काम जानवर द्वारा कर दिया , गया है। अब तुम पशु का मांस खा रहे हो.। यह पहले से ही पचा हुआ है, लंबी आंत की कोई जरूरत नहीं है। आदमी की आंत सबसे लंबी हैइसका मतलब है कि आदमी शाकाहारी है। एक लंबी पाचन क्रिया की ..जरूरत है, और वहां बहुत मलमूत्र होगा जिसे बाहर..निकालना होगा। अगर आदमी मांसाहारी नहीं है और वह मांस खाता चला जाता है, तो शरीर पर बोझ पड़ता.है। पूरब में, सभी महान ध्यानियों ने, बुद्ध, महावीर, ने इस तथ्य पर बल दिया हैअहिंसा की किसी अवधारणा की वजह से नहीं, वह गौण बात है, पर अगर तुम यथार्थतः गहरे ध्यान में जाना चाहते हो तो तुम्हारे शरीर को हल्का होने की जरूरत है, प्राकृतिक, '' निर्भार, प्रवाहित। तुम्हारे शरीर को बोझ हटाने की - जरूरत है; और एक मांसाहारी का शरीर बहुत बोझिल होता हैजरा देखो, क्या होता है जब तुम एक पशु को मारते हो, क्या होता है पशु को, जब वह मारा जाता है? 


बेशक, कोई भी मारा जाना नहीं चाहताअगर कोई तुम्हें मारता है, तुम स्वेच्छा से नहीं मरोगे। अगर एक शेर तुम पर कूदता है और तुमको मारता है, तुम्हारे मन पर क्या बीतेगी? वही होता है जब तुम एक शेर को मारते हो। वेदना, भय, मृत्यु, पीड़ा, चिंता, क्रोध, हिंसा, उदासी ये सब चीजें पशु को होती हैं। उसके पूरे शरीर पर हिंसा, वेदना फैल जाती है। पूरा शरीर विष से भर • जाता है। शरीर की सब ग्रंथियां जहर छोड़ती हैं क्योंकि जानवर न चाहते हुए भी मर रहा है। और फिर तुम मांस खाते हो, वह मांस सारा विषं वहन करता है जो कि पशु द्वारा छोड़ा गया है। 


 


No comments:

Post a Comment

Featured Post

सूर्य या चंद्र की खगोलीय घटना होने की संभावना

सुमित कुमार श्रीवास्तव  ( वैज्ञानिक अधिकारी) भारत वर्ष में उपच्छायी चंद्र ग्रहण दिनांक 5 मई 2023 को रात्रि में 8.45 से 1.02 बजे तक दिखाई दे...