आज 135 करोड़ की आबादी वाले भारत देश में लगभग 80 करोड़ लोग मोबाइल फोन का व लगभग 50 करोड़ लोग इन्टरनेट का इस्तेमाल करते हैं । हो सकता है, इस लॉकडाउन के समय में यह संख्या और बढ़ गयी हो । लेकिन यह लेख इन्टरनेट पर नहीं, 5G के ऊपर है इसका मतलब, हम डाटा के स्पीड या रफ्तार की बात कर रहे हैं अभी तक के अनुसंधान के अनुसार एक महीने में एक आदमी 12GB डाटा का इस्तेमाल कर लेता है कभी कोई विडियो देखता है, ईमेल करता है, कभी कोई गेम इत्यादि खेलता है या फिर इन्टरनेट का कोई अन्य इस्तेमाल करके लगभग 12GB प्रतिमाह डाटा इस्तेमाल कर लेता है । इन्टरनेट की स्पीड लेटेन्सी पर निर्भर करती है । यह लेटेन्सी क्या है ? यदि हम किसी को देखते हैं तो आपकी आँखें उस फोटो की जानकारी को आपके मस्तिष्क के नर्व सेल को भेजेंगी जहाँ वह फोटो प्रोसेस होगी तब वह फोटो आप के मस्तिष्क में बनेगी और पता चलेगा कि वह एक चिड़िया है । इस प्रोसेस में जितना समय लगेगा |
उस रफ्तार को ही लेटन्सी कहते हैं यह समय जितना कम होगा इन्टरनेट उतना तेज काम करेगा । दुनिया के सभी इन्टरनेट संयन्त्र या डिवाइसेस दो मीडियम के द्वारा आपस में जुड़े हुए हैं वह हैं ऑप्टिकल फाइबर और इलेक्ट्रामेगनेटिक वेव्स (Optical Fiber and Electromagnetic Waves) ऑप्टिकल फाइबर को तो इन्टरनेट की रीढ़ की हड्डी रह सकते हैं |
अगर हम पिछले कुछ वर्षों को देखें तो यह जान सकेंगे कि प्रति 10 वर्षों में मोबाइल की तकनीकी में एक जनरेशन या पीढ़ी की बढ़ोतरी हो रही है जैसे कि शुरुआत में 1G सन् 1980 में, 2G सन् 1990 में, 3G सन् 2000 में, 4G सन् 2010 में और अब 5G की बारी है ।
यहाँ पर स्पीड, केपेसीटी (सामर्थ्य) और लेटेन्सी में बढ़ोतरी के अलावा 5G दूसरे नेटवर्क मैनेजमेन्ट गुण भी प्रदान करती है 5G नेटवर्क और सर्विस को कई स्टेज में तैनात किया जाऐगा । अगले कुछ वर्षों में जो की बढ़ती मोबाइल और इन्टरनेट अनऐबल डिवाइस की जरुरत हो आसानी से पूर्ण कर सकें । कहने का तात्पर्य यह है कि 5G के माध्यम से हम बहुत तरह की नई सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं ।
कितना तेज होने वाला है 5G नेटवर्क -
5G को लेकर सभी उत्साहित हैं और ऐसा माना जा रहा है कि 4G के मुकाबले यह काफी तेज होने वाला है अगर हम 4G की बात करें तो यह आपको 100 मेगाबाइट अर्थात 100 Mbps प्रति सेकेंड की स्पीड देने में सक्षम है वहीं 5G को लेकर कहा जा रहा है कि यह 10 Gigabites प्रति सेकेंड यानी 10Gbps की स्पीड के साथ आने वाला है । इसका मतलब है कि 4G नेटवर्क के मुकाबले 5G नेटवर्क 100 गुना ज्यादा तेज होने वाला है यह अभी तक की सबसे ज्यादा इन्टरनेट स्पीड होने वाली है उदाहरण के लिए एक फीचर को हम कुछ ही सेकेंड में डाउनलोड कर पायेंगे ।
5G नेटवर्क कैसे काम करेगा ?
5G नेटवर्क एक बिल्कुल ही नये रेडियो स्पेक्ट्रम बैंड पर काम करता है, आपको बता देते हैं कि 5G मिलीमीटर वेव्स का इस्तेमाल करता है, इसके बाद एक फ्रीक्वेंसी को ब्रोडकास्ट करता है जो 30 से 300 GHz पर काम करती है, इससे पहले यह 6 GHZ पर काम करता था अर्थात 4G के लिए वर्तमान में इस बैंड का इस्तेमाल किया जाता है अभी तक इस तकनीक को सेटेलाइट और राडार सिस्टम के बीच में कम्युनिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता था हालांकि मिलीमीटर वेव्स किसी भी बिल्डिंग के बीच में से आसानी से नहीं गुजर सकती है, इसके कारण ही 5G को स्मॉल सेल्स का भी लाभ मिलता है । इसके लिए लगभग हर 250 मीटर पर एक स्मॉलर (छोटा) मिनिएचर आधारित स्टेशन स्थापित किया गया है इसके कारण ही किसी भी जगर पर आपको बढ़िया कवरेज मिलती है ।
5G के फायदे या गुण जो अभी मौजूदा किसी नेटवर्क में नहीं हैं –
» अपलोडिंग और डाउनलोडिंग काफी तेज गति से होगी ।
» अगर मोबाइल टावर दूर है तो भी इन्टरनेट चलाने में कोई दिक्कत नहीं होगी
» यह कम बैटरी का इस्तेमाल करता है ।
» यह ऊर्जा को बचाने में मदद करता है ।
» इसमें हम लगभग 10-100 संयन्त्रों को जोड़ सकते हैं |
» इसकी लेटेन्सी 4G के मुकाबले बहुत ज्यादा होती है ।
5G के उपयोग – 5G के आने का फायदा तो हम सभी को मिलेगा, क्योंकि हमें इसकी मदद से तेज इन्टरनेट मिलने वाला है |
» 5G के आने से स्वास्थ्य सुरक्षा (हेल्थकेयर) के क्षेत्र में जरुर फायदा मिलेगा, इसके जरिये दूर क्षेत्रों में रह रहे लोगों तक चिकित्सकीय जानकारी को आसानी से पहुंचाया जा सकेगा इसके अलावा रोबोट द्वारा की जाने वाली शल्य चिकित्सा (रोबोटिक सर्जरी) को भी बढ़ावा मिलेगा रोबोटिक सर्जरी में गलती होने की गुंजाइश कम होगी
» 5G के आने के बाद ये भी हो सकता है कि भारत को सेल्फ ड्राइविंग कार को लॉच करने में मदद मिले क्योंकि इस तरह की कार को चलाने के लिए फास्ट स्पीड इन्टरनेट की आवश्यकता होती है ।
» 5G से डाटा की रफ्तार तो मिलेगी पर कहाँ कहाँ मिलेगी इसके बारे में पूर्वानुमान लगाना अभी मुश्किल है कोई भी सोच सकता है कि महानगरों के लोगों की जीवनशैली अधिक तेजी से बदलेगी । इससे कितनी असमानताओं का जन्म होगा इसे भी देखना होगा ।
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