Sunday, June 7, 2020

आर्थिक पहलुओं पर सावधान करता 'सावधान मूवमेंट' का वेबीनार


सावधान मूवमेंट ग्रुप जो समाज  की विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मिलित कर बनाया गया है जो कोरोना  संकट  के  शुरुआत से ही  अपने  काउंसलर्स के द्वारा  समाज के  हर वर्ग की  प्रभावी काउंसलिंग लगातार कर रहा है  आज इसी क्रम में "कोरोना के बाद की भारतीय अर्थव्यवस्था" विषय पर सावधान मूवमेंट के तत्वाधान में वेबीनार का आयोजन किया गया  वेबीनार में मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली वित्त आयोग के सदस्य, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान दिल्ली के प्रोफ़ेसर प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रो0 वी0एन0 अलोक ने कोरोना काल में भारतीय अर्थव्यवस्था के वर्तमान और भविष्य के परिदृश्य पर  बताया कि यदि केंद्र से लेकर पंचायतों तक कोरोना से निपटने की कार्य योजना को विकेन्द्रित कर दिया जाय तो कोरोना से विजय पाई जा सकती है इसी परिपेक्ष्य में उन्होंने केरल माडल का जिक्र भी किया इसके अतिरिक्त लोकल ब्रांड्स के उन्मुखीकरण पर जोर देने की बात कही ।
 वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के चीफ, एंप्लॉयमेंट ब्यूरो एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल अधिकारी डा0 सुधांशु राय ने प्रवासी मजदूरों के रोजगार पुनर्वास एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना पर कानपुर को आत्मनिर्भर बनाने की शुरुआत की गई है! बेबिनार की संयोजिका डा0 कामायनी शर्मा ने औद्योगिक क्षेत्र में मंदी के उन्मूलन तो वहीं संचालक डा0 अनुराग पांडेय ने उदारीकरण के पूर्व की अर्थव्यवस्था की पुनः वापसी की बात करते हुए स्वदेशी की और लौटने की बात कही।
दिल्ली की प्रो0 अपूर्वा वशिष्ठ ने पूर्व की महामारियों से सीख लेकर आगे बढ़ने का मन्त्र दिया  और अपने आत्मविश्वास और धैर्य को बनाए रखने को कहा ! व्यापार मंडल के नेता श्री मनोज शुक्ल ने लघु उद्योगों की समस्या को उठाया डॉ भावना श्रीवास्तव ने आयात कैसे कम कर सकते है इस पर अपनी जिज्ञासा रखी  संकल्प मेहता ने आर्थिक पैकेज में मध्यमवर्ग को क्या फायदा होगा इस पर अपना प्रश्न रखा।
प्रो0 वी0एन0 आलोक जी ने  उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं की तारीफ करते हुए सभी की जिज्ञासाओं को शांत करते हुए मूल मंत्र दिया कि आत्मनिर्भर होने के लिए आत्मविश्वास की महती आवश्यकता होती है!
  गुरुचरण अरोड़ा, शिखा अग्रवाल, मीना पांडेय , गौरी शंकर कोष्ठा  गोपाल गुप्ता  ने भी अपने अपने विचार रखें । वेबिनार की सह संयोजिका डा0  रचना पांडेय एवं श्री मती रूचि त्रिवेदी ने  धन्यवाद ज्ञापन किया


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