21 जून को विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है | सबसे पहले 2015 में इस योग दिवस की शुरुवात की गई थी |
आधुनिक जीवन शैली के कारण शारीरिक , मानसिक विकृतियों को न केवल उत्पन्न कर रही है बल्कि उन्हे बढ़ा भी रही है। ऐसे में प्रकृति से निकटता जीवन को अपना कर हम सदैव निरोगा रह सकते है। हालांकि वर्तमान जीवनशैली में ऐशो आराम के संसाधन बढ़ रहे है फिर भी मानसिक शांति नहीं है हर आदमी दौड़ रहा है एक दूसरे से आगे निकलने की लगी है।
इस आधुनिकता की सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि हम आधुनिक तो होते जा रहे है पर प्रकृति से दूर भी होते जा रहे है |यह सब हमारी व्यवस्था के कारण हो रहा है | हम सभी मोबाइल , टीवी , टेलीविज़न आधुनिक युग के इलेक्ट्रानिक उपकरणो से अंतर्मुखी होते जा रहे हैं और दूसरों से दूर होते जा रहे है |
इसका नतीजा यह निकलता है कि हम अवसाद , अकेलापन जैसी कई बीमारियों से गृस्त हो रहे है | पहले कई बीमारियाँ सुनने को नहीं मिलती थी जो आज के समय में बड़ी आम बीमारी है | उसमे चाहे वह कैंसर हो लीवर से संबन्धित बीमारी हो , मधुमेह या दिल का रोग आदि | इन रोगों से बचाव में योग और प्रकृतिक चिकित्सा अहम भूमिका अदा कर रही है |
हर साल की तरह इस साल भी योग दिवस को एक थीम दी गई है | लेकिन इस साल कोरोनावायरस के चलते लोगों को ऐसी थीम दी गई है , जो सेहत और स्वास्थ्य को बढ़ावा देगी | अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2020 थीम है घर में रहते हुए अपने परिवार के साथ योग करना |
योग चिकित्सा एक विज्ञान है , एक अनुशासित जीवनशैली है , जीवन जीने की कला है | नियमित ध्यान , योग और प्राणायाम दिमाग को शांत करता है जिससे व्यक्ति प्रसन्नचित रहता है | तथा इसका शरीर के सभी अंगो , ग्रंथियों और इंद्रियों पर प्रभाव पड़ता है | इनमे अपनी साँसो , मन और प्राण शक्ति पर नियंत्रण सीखा जा सकता है | और मन में यह विचारो की उत्पत्ति होती है | तथा हमारा जीवन तनावरहित हो जाता है , इससे हम चुस्त - दुरुस्त और स्वस्थ रहेंगे|
ध्यान रखने योग्य बातें -
1 योगाभ्यास करने का सबसे अच्छा समय सुबह का माना जाता है | हालांकि योगाभ्यास के लिए दिन में कई टाइम रखे गए हैं - प्रात: काल , सांयकाल , रात में खाने से पहले आदि | सूर्योदय या ब्रह्म मुहूर्त का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दौरान पेट खाली होता है तथा मन शांत होता है |
2 योगाभ्यास के दौरान शरीर में ऊष्मा का स्तर बढ़ जाता है | इसलिए एक घंटे बाद स्नान करना चाहिए |
3 योगाभ्यास जमीन पर सीधा न करके बल्कि मैट , चटाई या दरी पर ही करें |
योग के फायदे -
1) मानसिक तनाव से छुटकारा सुबह के समय योग करने का सबसे ज्यादा असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर होता है | प्रात: काल योग करने से दिन भर के मानसिक तनाव से छुटकारा मिल जाता है तथा सभी कार्य आसानी एवं सरलता से हो जाते है |
2) मधुमेह के रोगियों के लिए जरूरी कहा जाता है कि डाईबीटीज़ एक ऐसी बीमारी है जो कभी ठीक नहीं होती लेकिन ऐसा नहीं है , योग और प्राणायाम से इस बीमारी का इलाज भी संभव है |
3) मन प्रसन्न - प्रतिदिन सुबह के समय योग करने से मन दिन भर प्रसन्न रहता है , साथ ही मानसिक शांति भी मिलती है |
4) आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी - योगा से मस्तिष्क सक्रिय होता है और शारीरिक ऊर्जा में भी बढ़ोत्तरी होती है , जिससे व्यक्ति का मन किसी भी कार्य में अच्छी प्रकार से लगा रहता है तथा काम करने मे मन लगता है , और आत्मविश्वास बढ़ता है |
5) वजन कम करता है - योग वजन घटाने में अत्यधिक सहायक है |
6) हृदय रोग में भी फायदा - प्राणायाम व योग से हृदय संबन्धित समस्याओं से निजाद मिलती है | यह भारत के लिए बड़े गर्व की बात है कि योग के प्रति लोगों कि रुचि बढ़ती जा रही है , योग अब विदेशों में भी अपनाया जा चुका है जो यह दर्शाता है कि योग अब अंतराष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो चुका है |
No comments:
Post a Comment