Saturday, July 25, 2020

कॉंग्रेस ने की योगी के इस्तीफे की मांग

आज दिनांक 24 जुलाई दिन बृहस्पतिवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कानपुर महानगर के जिलाध्यक्ष हर प्रकाश अग्निहोत्री ने कनून और पुलिस के कलंकित कारनामे के खिलाफ विरोध प्रदर्शित करते हुए गंगा घाट पर " भ्रष्ट कानून व्यवस्था स्वाह: " कहते हुए अपने साथी सहयोगियों के साथ भ्रष्ट कानून व्यवस्था का श्राद्ध किया


फोटो सौजन्य से : @indian_0512


तो वहीं  युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी वी श्रीनिवास ने कहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को अपराध प्रदेश बना दिया है, राम राज्य लाने का दावा करने वाली भा.ज.पा. की सरकार लेकिन पत्रकार विक्रम जोशी की निर्मम हत्या ने सरकार के राम राज्य की पोल खोल दी है। पत्रकार विक्रम जोशी जी को भावपूर्ण श्रधांजलि देते हुए उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा ' योगी जी ने रामराज्य लाने का वादा किया और ला दिया जंगलराज'। 


एनसीआरबी के नवीनतम आंकड़ो के मुताबिक उत्तर प्रदेश ने अराजकता की स्थिति है और यहां कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, उत्तर प्रदेश में रोजाना 46 महिलाओं का अपहरण होता है, 12 महिलाएं   प्रतिदिन ज्यात्ति की शिकार होती है और 162 महिलाएं रोजाना किसी प्रकार की हिंसा झेलती है, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के शासन में आज रोजाना 11 हत्याएं प्रतिदिन हो रही है।



जिलाध्यक्ष पुनीत राज शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिसर्च के अनुसार उत्तर प्रदेश के भा.ज.पा. के  312 विधायकों में से 114 मतलब 37 प्रतिशत के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज है, इसमें से 83 विधायक, बलात्कार , हत्या और अपहरण जैसे संगीन अपराधों में आरोपी है।
युवा कांग्रेस की बैठक में जिलाध्यक्ष पुनीत राज शर्मा, हमजा निहाल, गोविंद जैसवाल,अंकित जैसवाल, आयुष गुप्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।


Friday, July 24, 2020

कोरोना काल में सृजनशीलता


लगातार बढ़ता कोरोना का संक्रमण लोगों में निराशा का भाव पैदा कर रहा है, वैसे हर सृजन का आगाज टूटफूट के पश्चात ही होता है, बीज के प्रस्फुटन बाद ही विशाल वृक्ष अपनी नींव पाता है, घोर अंधकार को चीर कर ही अरुणिम सवेरा होता है, जो प्रकृति के भरण पोषण का आधार है, शिशु के आगमन पर माता भी असाध्य कष्ट में होती है, चूंकि हमें पूर्वज्ञान है कि रात के बाद सवेरा होना ही है तो हम निश्चिंत साधारण मनःस्थिति में रहते हैं। तो हमें यही विश्वास करना, समझना होगा कि बस इस समय हम संक्रमण से बचने के ही आवश्यक प्रयास करे, इसके बाद समय रहते सब ठीक हो ही जायेगा। कोरोना की पुनः तीव्र गति से पुनर्वापसी अच्छे संकेत की परिचायक नही है यह इंगित कर रही कि लोगों में अविश्वास और अधैर्य घर कर रहा है, समय और परिस्थितियां और विषम न हो। इन्ही बिन्दुओ पर चर्चा एव प्रभावी रणनीति हेतु  छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर एन एस एस,श्रम विभाग और नया सवेरा के संयुक्त प्रयास "मुस्कराए कानपुर" और भारत उत्थान न्यास कानपुर नगर ने संयुक्त रूप से वेबिनार का आयोजन किया गया। मुस्कुराये कानपुर के सिटी एम्बेसडर डा सिधांशु राय जी के निर्देशन में बेबिनार का शुभारम्भ हुआ सर्वप्रथम डा सिंधांशु राय ने कोरोना की पुनर्वापसी पर चिंता व्यक्त करते हुए इस संदर्भ में काउन्सलिंग सेल के गठन की बात की और भारत उत्थान न्यास से अपने विचार और भावी कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा। मुस्कराये कानपुर की एम्बेसडर एवं भारत उत्थान न्यास की राष्ट्रीय सदस्य और कानपुर महिला प्रान्त प्रमुख डा कामायनी शर्मा ने न्यास के  विगत कार्यो पर प्रकाश डालते हुए रचनात्मक कार्यो को आगे बढ़ाने पर सम्बल प्रदान किया, क्योंकि इस समय मानसिक रुप से दृढ़ और स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है, रचनात्मक होना किसी भी संकल्प पूर्ति की प्रथम सीढ़ी है, इसके साथ ही नए नए रोजगार के अवसरों को जन जन तक पहुचाने के लिए संकल्पता जाहिर की।



आर्थिक रूप से परेशान लोगों को काउन्सलिंग के माध्यम से कुटीर उद्योग की जानकारी देने और फिर समाज की अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं का साथ लेते हुए लोगो को रोजगार के लिए एक साझा मंच देने पर जोर दिया। मुस्कराये कानपुर के सोशल लीडर और भारत उत्थान न्यास के वरिष्ठ सदस्य डा अनुराग पाण्डेय ने न्यास द्वारा आत्मनिर्भर भारत बनाने की ओर स्वदेशी अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना के प्रति लोगो के मन में पुराना डर जगाने की जरूरत है, लोगो के अंदर हमे वही चिंगारी पैदा करनी है जो लॉक डाउन के प्रथम चरण में थी। न्यास अपने मीडिया के सभी माध्यमो से मास्क,सामाजिक दूरी,साफ़ सफाई के लिए जागरूकता अभियान चला रही है और चलाती रहेगी। मुस्कुराये कानपुर की योग एम्बेसडर और न्यास से जुड़ीं भावना श्रीवास्तव ने विगत 20 दिनों से चलाये जा रहे अपने योग वेबिनार्स और अन्य जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए आगे भी योग के माध्यम से कोरोना संक्रमण रोकथाम को योग के माध्यम से रोकने की अपनी कार्य योजना प्रस्तुत की। मुस्कुराये कानपुर की क्रिएटिव एम्बेसडर और न्यास से जुड़ी रूचि त्रिवेदी ने अपने वीडियो मेकिंग कौशल से जागरूकता संदेश वाले वीडियोस की एक श्रंखला शुरू करने पर बल दिया। मुस्कुराये कानपुर की सोशल लीडर और न्यास से जुडी डा रचना पाण्डेय और डा मीना पाण्डेय एव डॉ सीता शुक्ला ने कोरोना काल में बच्चो की शिक्षा पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों पर चर्चा करते हुए ऑनलाइन कक्षाएं  न्यास के बैनर तले प्रतिदिन चलाने की बात रखी और पूर्व में बच्चों के लिए किये गए कार्यो की जानकारी दी।
इस दौरान मुस्कुराये कानपुर के साथ जुड़ी सभी संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे जिसमें मुस्कान फाउंडेशन की श्रीमती पूजा गुप्ता का हेल्पलाइन शुरु करने का प्रस्ताव विशेष रुप से सराहनीय रहा।


संगीत की दुनिया में दिखा रही है दम , कानपुर की प्रियम


Report by :केसर रानी परमीत कौर (जम्मू-कश्मीर) 


क्या यह दिलचस्प नहीं है कि किसी विशेष गीत को सुनने से एक विशेष स्मृति वापस आ जाए या आपको खुशी या शांती महसूस हो ? अध्ययनों से पता चला है कि जब आप अपनी पसंद के अनुसार संगीत सुनते हैं, तो मस्तिष्क वास्तव में डोपामाइन नामक एक रसायन छोड़ता है, जो मूड पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।


ऐसा ही सकारात्मक प्रभाव डालने वाली एक सुरीली आवाज ने संगीत की दुनिया में अपना कदम रखा है | वास्तव में  जिसको सुनने के बाद दिल को एक अजीब सा सुकून मिलता हैं वो हैं कानपुर की प्रियम श्रीवास्तव


बचपन, बहनों संग प्यार, शिक्षा और संगीत में रूचि



प्रियम श्रीवास्तव ने खास बात-चीत में बताया कि हम तीन बहनें हैं जिनमें वह सबसे छोटी हैं। दोनो बड़ी बहने भी सफल संगीतकार हैं | बचपन से ही प्रेम से पली-बढ़ी "प्रियम" का घर संगीतकार बहनों का आशियाना हैं जिनकी सबसे पहली गुरु उनकी माँ उषा किरन जी थी। घर के चारों ओर संगीत,राग, हारमोनियम,सुर और गीतों  के गुनगुनाने की आवाज़ रहती थी।


पापा श्री गोविंद श्रीवास्तव अपनी तीनों बेटियों को हमेशा अपना बेटा ही मानते थे | बेटा रत्ना श्रीवास्तव, बेटा हिना श्रीवास्तव और सबकी लाङली और पापा की बेटा प्रियम श्रीवास्तव ही कहतें थे। प्रियम श्रीवास्तव ने बताया कि वह अपनी बीएड, बीटीसी और विशारद की पढ़ाई पूरी कर चूंकी हैं और एक सफल गायक बनना चाहती हैं।


उपलब्धियां


छोटी सी उम्र में ही कई प्रतियोगिताएं जीती और कई ख़िताब हांसिल किए जिसमें की रेडियो सिटी सुपर सिंगर 9 की विजेता रही तो वहीं जुनून 2014 तथा अंतरागनी 2015 जिसमें देश भर से 19 लोगों की प्रतियोगिता में उत्तरप्रदेश से अकेली जगह बनाने वाली प्रियम द वॉइस (2016) का भी अहम हिस्सा रही हैं | इसके अलावा प्रियम बिग एफ एम 2016 के गोल्डेन वॉइस में टॉप 5 में रही हैं तथा राइज़िंग स्टार और इंडिया गॉट टैलेंट जैसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों का हिस्सा रही हैं |


प्रियम का लॉकडाउन


प्रियम रोज सुबह 5 बजे उठकर गायन का अभ्यास करती है। फिर एक प्रतिष्ठित विद्यालय के विद्यार्थियों को शिक्षिका के रूप में संगीत की ऑनलाइन शिक्षा देतीं हैं। प्रियम बताती हैं कि शाम की कसरत करना उनके लिए उतना ही आवश्यक है जितना कि सुबह उठ कर रियाज़ करना क्योंकि अच्छी आवाज़ के लिए अच्छा मन और तन दोनों जरूरी है| प्रियम आज कल होने वाले लाइव कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ ही अपने पापा के सपनों को पूरा करने के लिए नये प्रोजेकट मे इन दिनों खासतौर पर खूब मेहनत भी कर रही हैं |


संगीत , शिक्षा और सानिध्य


संगीत की शिक्षा और ज्ञान सबसे पहले उन्हें अपनी माँ से मिला और संगीत की बारीकियों को समझने में अहम योगदान देने वाली अपने गुरू डॉ. शालिनी वेद और कविता सिंह का भरपूर आशीर्वाद प्रियम को मिला । उनकी दोनों बड़ी बहनें उन्हें न केवल संगीत की शिक्षा देती हैं बल्कि जीवन की कसौटी को जीने के साथ ही  उनकी गलतियों को उनसे रूबरू भी करवाती आई हैं।


सुख दुख के पल


प्रियम के जीवन के कभी न भूलने वाले लम्हों में एक खास लम्हा वो था जब वह रेडियो सिटी सुपर सिंगर 9 मे चार लड़कों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बाद विजेता घोषित हुई थीं और इस दिन उन्होने  "हंगामा हो गया" गीत को अपनी मधुर आवाज़ में गाकर  विजेता की ट्राफी अपने नाम की थी |



प्रियम के जीवन के सबसे दुखद सुबह 23-नवंबर -2018 की थी , जब प्रियम ने अपने गुरु और अपने आदर्श, अपने पिता को खो दिया था। उसने साहस और शक्ति के साथ उस दर्दनाक पल का सामना किया। हर एक ऑडिशन में उसके अलावा उसके पापा उनके साथ जाते थे | पिता की ऊर्जा और आत्मविश्वास बेटी को भरपूर  बढ़ावा देती थी शायद इसलिए पापा के निधन के बाद पहला ऑडिशन का सामना करना प्रियम के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था लेकिन ऐसे समय में प्रियम ने बहुत मजबूती से सामना किया। प्रियम कहती हैं आज जो भी हूँ  सब पापा के आशीर्वाद से हूँ , जिसके लिए वह सदैव अपने पापा को धन्यवाद करती हैं।



हमेशा उनके पापा ने उन्हें कभी न हारना, खूब मेहनत करना और अपना सभी प्रदर्शनों में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का सबक सिखाया। पापा ने उनके जीवन के सभी क्षेत्रों में उनका समर्थन किया, चाहे वह आर्थिक, भावनात्मक या नैतिक समर्थन हो। प्रियम के पापा अपने बेटी जिन्हें वह अपना बेटा प्रियम कहते थे की काबिलियत पर इतना भरोसा करतें थे कि कई बार बिना उन्हें बताये ही उनकी वीडियो प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भेज देते थे।


प्रियम की नज़र में क्या है रिश्तों की अहमियत



दोस्त बनाने के लिए जो गुण वह देखती है वो चेहरे की खुबसूरती या धन संपत्ति नहीं हैं बल्कि उनके विचार और भावनाओं का मिलना हैं और अपने जीवन साथी में चाहती हैं कि वह उनके घर को भी अपना घर मान कर न सिर्फ भावनात्मक रूप से जुड़ाव रखे बल्कि जीवन के हर कदम में सहायक भी हो। प्रियम धन,रूप या अन्य भौतिकतावादी चीजों को ज्यादा महत्व देने के बजाए प्रेम और अपनेपन की भावना को अधिक महत्व देती हैं।


प्रियम के सिद्धांत 


वह मानतीं हैं कि जब वह किसी को संगीत की शिक्षा देती हैं तो वह अपने शिष्यों को उनकी कमियाँ साफ साफ बताती हैं ताकि उसे सुधार कर और बेहतर बनाया जा सके। प्रियम कहती हैं कामयाबी चाहें जितनी हासिल हो जाए पर संगीत साधकों और शिष्यों दोनों को ही कभी भी रियाज़ नहीं छोड़ना चाहिए।


उनका मानना है कि हार को कभी दिल से न लगाएं कयोंकि हर हार से व्यक्ति कुछ न कुछ अवश्य सीखता है।  किसी भी क्षेत्र के व्यक्ति को मेहनत करना और लक्ष्य प्राप्ति का प्रयास तब तक करना चाहिए जब तक उसका जीवन है | ऊंचे मुकाम पर पहुँच जाने के बाद इंसान को अपने घर- परिवार को कभी भी नहीं भूलना चाहिए।


पश्चमी सभ्यता के इस दौर में हो रही अभद्रता को लेकर प्रियम ने कहा कि “हद में रहने वाले के सामने कोई अपनी हद पार नहीं करता।”


किस भगवान पर हैं प्रियम की आस्था


शिरड़ी के साई बाबा जी पर प्रियम का अटूट विश्वास हैं और हर शुभ अवसरों पर उन्हे याद करती हैं।


प्रियम का खाने की पसंद


खाने में अधिक चटपटी और मसालेदार चीजे पसंद करती है। आवाज़ को लेकर खाने पीने में कोई खास परहेज नहीं करती लेकिन हल्के गरम पानी में शहद एवं नीबू डालकर दिन मे एक बार लेना नहीं भूलती हैं प्रियम।


किस चीज़ से मिलती हैं प्रियम को खुशी



जब वह आश्चर्यजनक उपहार प्राप्त करती है तो प्रियम को अपार खुशी मिलती है। उन्हें तोहफे पसंद है। गिफ्ट की कीमत मायने नहीं रखती है लेकिन प्रियजनों द्वारा दिए गए उपहार खासकर दोनों बहनों के उपहार उन्हें बहुत खुशी देते हैं।


उदास पलों में खुद को कैसे संभालती हैं प्रियम


प्रियम ने कहा कि जब भी वह उदास महसूस करती है या अपने पापा को याद करती है, तो वह हमेशा प्रार्थना करती है और बहुत आशावादी मानसिकता रखती है, हमेशा सोचती है कि सब कुछ भगवान की इच्छा के अनुसार ही होता है और वही हमारा सबसे अच्छा निर्देशक है। ईश्वर में विश्वास रखें और सभी परिस्थितियों में ईश्वर में अपना विश्वास दिखाएं और हर अच्छे बुरे वक़्त मे भगवान् को धन्यवाद भी दें।


अपने युवा प्रशंसकों को प्रियम का संदेश



प्रियम अपने फैंस से कहना चाहती हैं कि आप सभी के जीवन में एक बैकअप प्लान होना चाहिए। यदि आप जिस कला के शौकीन हैं, वह आपको कोई परिणाम नहीं दे रही है तो एक और योजना बनाने की कोशिश करें, लेकिन आपको अपने लक्ष्यों को कड़ी मेहनत करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए समय सीमा निर्धारित करने की आवश्यकता है। और अपने जुनून के साथ-साथ अपनी पढ़ाई को भी उतना ही महत्व दें।


बचपन से ही प्रियम ने अपने माँ-पापा और दोनों बड़ी बहनों से बहुत प्यार पाया है और अपने जीवन का छोटा सा किस्सा उन्होने साझा किया कि मेरी दोनों बहने मुझसे बड़ी है और जब मेरा जन्म होना था तब कुछ आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने उनके पापा से कहा के श्रीवास्तव जी आपकी तो पहले ही दो बेटियां हैं अगर तीसरी संतान भी लड़की हो गयी तो आप क्या करेंगे तो मेरे पापा ने कहा कि “ अगर मेरे घर फिर से लड़की का जन्म होता है तो वह अपना भाग्य भगवान से लिखवाकर लाऐगी जिसे कोई दूसरा नहीं बदल सकता। मेरी तीनो बेटियां दुनिया भर मे अपनी खुदकी पहचान बनाएगी और मेरा नाम रौशन करेंगी ” और उनके पापा की इस कथनी को आज श्रीवास्तव बहनों ने वास्तव में चिरतार्थ किया है। आज भी प्रियम पापा के इन्ही शब्दों को याद कर खुद को हौसला देती हैं।


 


Monday, July 20, 2020

My Last Wish


If Aphrodite granted me a wish, My last wish


I would ask her to connect the ribbions of my destiny.


From yours to me. For,


I would love to walk with your hand in mine ,  Having bare foot on the grasses with dew


under the reddish glow of morning shine.


I would love to walk on the silence street of kings delight, Covered with nay but green beneath the


soothing moonlight.


You forgiving all my misdoings, I wish I could talk like we never did before .


Neglecting all my flaws and be there wishing a healthy life in all my adore.


Remember, when it stroms with the darkest hour producing black clouds, I promise I will be the rainbow bringing the rain of happiness like abound.


So we could enjoy the days we came into existence, You giving me surprise on 3rd blowing candles on 11 th march with nascence.


Making more reasons to celebrate , sharing happiness, achievements , festive together By greeting the days we laid eyes on cach other, by becoming the best catalyst in life and future.


Forever I'd stay by you, And you beside me.


Howbeit , forever Your charm , your glory , your pride, should remain ever ever You would think Aphrodite is too busy to desend me.'


But my Aphrodite is you.


Forever and ever ever.


Wednesday, July 15, 2020

वैश्विक जनसंख्या पर क्या हैं कोरोना के प्रभाव

दयानन्द बृजेन्द्र स्वरूप कालेज कानपुर द्वारा दिनांक 14 जुलाई 2020 को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन गूगल मीट पर किया गया | 



इस अवसर पर प्रो. पी नाग - पूर्व कुलपति - महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ , वाराणसी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई तो वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में चन्द्र शेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री डॉ हरीश सिंह तथा विशिष्ट वक्ता के रूप में भारत सरकार के रिसर्च ऑफिसर डॉ बिनोद कुमार सिंह ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई | रोचक जानकारियों के प्रचार-प्रसार हेतु डी.बी.एस. कालेज के प्रयासों को सराहते हुए सभी ने सभी ने “ कोरोना काल में वैश्विक जनसंख्या पर प्रभाव ” विषय पर अपना वक्तव्य दिया |



मुख्य अतिथि प्रो. पी  नाग ने कहा – अनुमानित है कि भारत 2021 कि जनगाड़ना में जन्म दर , जनसंख्या वृद्धि दर तथा प्रजनन दर में काफी कमी आएगी |  कोरोना के कारण बड़ी संख्या में कामगार श्रमिकों और प्रवासीय भारतीय नागरिकों का अपने अपने पैतृक क्षेत्र में घर वापसी तथा उससे उत्पन्न समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुआ कहा कि हम सब नागरिकों को इस चुनौती को अवसर में बदलने के लिए प्रयास करने होंगे |


विशिष्ट अतिथि डॉ हरीश सिंह ने कहा – कोरोना काल में उत्पन्न खाद्य संकट को व्यवस्तिथ करने के उपायों के साथ आने वाले समय में खाद्य संकट न हो इसके लिए भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी और इस समस्या को समाधान की ओर ले जाने के लिए प्रत्येक नागरिक की ज़िम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए  उसको निभाने का आग्रह किया |


मुख्य वक्ता डॉ बिनोद सिंह ने कहा – भारत की जनसंख्या के विभिन्न पहलूओं पर अपने प्रेसेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी | उन्होने बताया कि कोरोना कि वजह से एक करोंड़ तीस लाख लोग प्रभावित जिसमें भारत तीसरे स्थान पर है |



जिसके बाद चर्चा का हिस्सा रहे 600 से अधिक छात्रों में से कई जिज्ञासु छात्रों ने बड़ी बेबाकी के साथ अपने सवाल वक्ताओं के समक्ष रखे | इस आयोजन की आयोजिका भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ रंजना श्रीवास्तव थीं तथा कार्यक्रम का शानदार संचालन विभाग की शिक्षिका डॉ. अनीता निगम ने किया तो वही विभाग के शिक्षक डॉ आर.के मिश्रा ने शुक्रिया संदेश के जरिए कार्यक्रम का समापन किया| इस कार्यक्रम में दयानन्द शिक्षण संस्थान के सचिव डॉ नागेंद्र स्वरूप , कालेज के प्रधानाचार्य-डॉ सी.एस. प्रसाद , आयोजन सचिव – डॉ. गौतम हाल एवं डॉ अनीता निगम तथा आयोजन सह सचिव – डॉ दुर्गेश सिंह एवं डॉ के.सी. त्रिपाठी के साथ महाविद्यालय तथा प्रदेश के अन्य प्रतिष्ठित महाविद्यालयों के शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे |


 


Wednesday, July 1, 2020

सरकार द्वारा बैन किए गए 59 चीनी एप


केंद्र सरकार ने 59 एप्स को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है जिसमें अधिकतर चीनी एप हैं जैसे टिक-टाक, शेयर इट, कैम स्कैनर, वी मीट आदि हैं|
दोनों देशों के बीच चल रहे टकराव के बीच सरकार का यह कड़ा रुख है | तथा चीन के लिए यह साफ संकेत है कि यदि उसने अपना रुख नहीं बदला तो हो सकता है आगे उसे और कठनाइयों का सामना करना पड़े | 


सूचना प्रद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत सूचना प्रद्योगिकी मंत्रालय ने इन 59 एप्स को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है | 
यह नियम सरकार ने 2009 में बनाया था | सूचना प्रद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न श्रोतों से इन एप्स को लेकर कई शिकायतें मिली हैं जिसके तहत यह कठोर कदम उठाया गया है |
इसे हम भारत की वरचुअल स्ट्राइक भी कह सकते हैं ताकि भारतीयों के द्वारा किसी भी एप में जानकारी शेयर करने पर रोक लगा सकते हैं | यह सब भारत के डाटा को सुरक्षित करने के लिए करा गया है | सरकार के इस फैसले के बाद गूगल प्ले स्टोर व एप्पल के एप स्टोर से इन्हे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है | 
इंटरनेट के हिसाब से भारत एक बड़ा देश है जो इन एप्स का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करता है | इससे यह देखने की बात है कि क्या सच में इस कदम से चीन को आर्थिक नुकसान होगा ?  क्योंकि चीन ने भारत की कितनी सारी स्टार्टअप कंपनियों में भी पैसा लगाया हुआ है | भारत का अगला कदम निवेश की जाँच करना भी हो सकता है | भारत सरकार के इस कड़े नियम से भारतीयों की नौकरियों में भी फर्क पड़ा है | जो लोग इन कंपनियों में काम करते थे परन्तु देश की सुरक्षा हेतु वो भारतीयों के डाटा की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है | 
भारत के करोड़ों लोग टिक टॉक, शेयर इट तथा यूसी ब्राउसर का भी इस्तेमाल कर रहे थे | 
प्रतिबन्ध लगते ही यह एप्स प्ले स्टोर से डाउनलोड होना बंद हो गए | एक औसत निकालें तो चीन इन एप्स की कुल आमदनी का 30 - 40 % इनकम भारत से ही करता था |
2017 में गूगल प्ले स्टोर पर टॉप 100 में से 18 चीनी एप्स थे वहीं 2018-19 में 44 चीनी एप्स प्ले स्टोर के टॉप 100 में हो गए थे | गूगल प्ले स्टोर के भारत में लोकप्रिय टॉप 100 एप्स में करीब आधे चीनी एप्स हैं | 
दुनिया के टॉप 50 एप्स चीनी एप्स की तुलना में आधी से भी कम जानकारी मांगते हैं | वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी एप हेलो, शेयर इट के अलावा यूसी ब्राउसर कैमरे और माइक्रो फोन तक पहुँच मांगते हैं जबकि उन्हें उसकी जरूरत नहीं होती है वैसे तो चीन से विवाद के बाद बहुत से प्रमुख चीनी एप्स के फ़ॉलोवर्स की संख्या घटनी शुरू हो गई थी | 


प्रतिबंधित एप्स की सूची 


1. TikTok
2. Shareit
3. Kwai
4. UC Browser
5. Baidu map
6. Shein
7. Clash of Kings
8. DU battery saver
9. Helo
10. Likee
11. YouCam makeup
12. Mi Community
13. CM Browers
14. Virus Cleaner
15. APUS Browser
16. ROMWE
17. Club Factory
18. Newsdog
19. Beutry Plus
20. WeChat
21. UC News
22. QQ Mail
23. Weibo
24. Xender
25. QQ Music
26. QQ Newsfeed
27. Bigo Live
28. SelfieCity
29. Mail Mast 


Featured Post

सूर्य या चंद्र की खगोलीय घटना होने की संभावना

सुमित कुमार श्रीवास्तव  ( वैज्ञानिक अधिकारी) भारत वर्ष में उपच्छायी चंद्र ग्रहण दिनांक 5 मई 2023 को रात्रि में 8.45 से 1.02 बजे तक दिखाई दे...