Monday, August 24, 2020

चंद्र शेखर आज़ाद विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के कानपुर के प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालय में स्नातक डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए विगत 18 अगस्त को आयोजित प्रवेश परीक्षा यूपी कैटेट में कृषि वर्ग का प्रश्न पत्र "आउट ऑफ सिलेबस" आने एवं कृषि पाठ्यक्रम के लिए कक्षा 12 कृषि के छात्रों के स्थान पर अन्य वर्गों को तरज़ीह दिए जाने के विरोध में अखिल भारतीय कृषि छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ सौजन्य के नेतृत्व में छात्रों के एक दल ने यूपी कैटेट के आयोजक चन्द शेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय के कुलपति कार्यालय के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन कर विरोध जताया जिसके बाद  राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा | 



इस दौरान मीडिया से बात करते हुए सौरभ सौजन्य ने बताया की कृषि वर्ग (PAG) के प्रश्नपत्र में लगभग आधे प्रश्न परीक्षा संस्था द्वारा पूर्वसूचित कृषि वर्ग के कक्षा 12 स्तर के पाठ्यक्रम से बाहर के थे जबकि कृषि स्नातक में प्रवेश के लिए अन्य समूह गणित वर्ग(PCM) एवं जीव विज्ञान वर्ग(PCB) के प्रश्न तुलनात्मक रूप से सरल थे जिससे आल ओवर मेरिट में जीव विज्ञान के छात्रों का शीर्ष स्थान पाकर कृषि पाठ्यक्रमों हेतु चयनित होना लगभग तय है जिससे कृषि वर्ग के अभ्यर्थियों को अन्ततः चयन से वंचित होना पड़ेगा यह ग्रामीण अंचल की मेहनत के साथ खिलवाड़ है ऐसा हरगिज़ नही होने दिया जाएगा उन्होंने कहा की वह कृषि छात्र इस लड़ाई के लिए शांति के रास्ते के बाद आवश्यकता पड़ी तो क्रांति के रास्ते को भी अपनाएंगे |



इस विजन एग्रीकल्चर एकेडमी के संचालक और यूपी कैटेट के जानकर हर्षित सर ने भी इसे कृषि छात्रों के साथ अन्याय बताया इस दौरान शिवम यादव ,मयंक मिश्र,सुन्दरम,इत्यादि छात्रों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया |


Monday, August 17, 2020

अब जन-जन तक जल्द पहुंचेगी प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजनाएं

केंद्र सरकार लगातार गरीबों के हक़ में काम कर रही है | वहीं जन-जन तक योजनाओं का लाभ जल्द पहुंचाने के लिए भाजपा नेताओं को पद वितरित किये गए जो कि गरीब तबके वर्ग के लोगों को योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे अपितु योजनाओं का लाभ भी दिलवाएंगे |



जिसके लिए कानपुर जिले में 17 अगस्त को मोहन गेस्ट हाउस , कल्याणपुर में प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना प्रचार-प्रसार अभियान के तहत भाजपा नेताओं को पद दिए गए | आपको जानकारी के लिए बता दे इस समिति का गठन माननीय शशि शंकर शर्मा द्वारा छेत्रिय अध्यक्ष श्री राघव दिवेदी जी की उपस्थिति में किया गया जिसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप मिश्रा जी, अध्यक्ष राहुल शर्मा जी, जिला उपाध्यक्ष गिरिजा शंकर, जिला मंत्री संजू कुमार, महिला जिला उपाध्यक्ष ममता छाबड़ा जी और मंत्री पद हेतु  अजय यादव जी, अंकित शास्त्री , नीतू दीक्षित , सुमन सक्सेना , लव कुमार, संजु कुमार को बनाया गया तो वहीं जिला महामंत्री शक्ति सहाय को बनाया गया |



कार्यक्रम के समापन में अध्यक्ष जी ने अपने ओजस्वी भाषण में प्रधानमंत्री जी की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और उनकी विशेषताओं को बतलाने की बात कही साथ ही पदाधिकारियों को जानकारी दी कि जल्द ही संस्था का कार्ड उपलब्ध कराएंगे ताकि संबन्धित अधिकारी किसी प्रकार की अनियमित्ता करे तो उस पर कार्यवाही की जा सके और गरीब जनता को उस योजना का लाभ दिलवाया जा सके |



यह संगठन अब गरीबों को योजनाओं के बारे में अहम जानकारी देंने के साथ ही उनकी योजनाओं का लाभ भी दिलवाने का काम करेगा |आपको बता दें यह एक ऐसा अभियान है जो प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिये प्रतिबद्ध है |


वेबीनार में बोले विशेषज्ञ मुस्कुराए कानपुर अभियान कोरोना काल में समाज को एक नई दिशा देने में प्रयासरत : डॉ कामायनी शर्मा सोशल एंबेसडर

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना विभाग के 'मुस्कुराए कानपुर' अभियान के अंतर्गत आज कोरोना : चुनौतियाँ और समाधान विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया!
 वेबीनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि समीर वर्मा विशेष सचिव वित्त उ0प्र0 एवं विश्वविद्यालय  के मुस्कुराए कानपुर  संयोजक डॉ सुधांशु राय  द्वारा किया गया।  सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलन सुरभि द्विवेदी और सरस्वती वंदना दीप्ति शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गयी।  मुस्कराये कानपुर के सिटी एम्बेसडर एवं संयोजक डॉ सिधांशु राय ने बताया  कि यह अभियान विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं का एक पटल है जो कोरोना काल में समाज में व्याप्त निराशा को दूर करने के लिए तैयार किया गया है उन्होंने कहा जिस प्रकार से समाज में चुनौतियां आई हैं उससे कई गुना अवसर भी पैदा हुए हैं और नई तकनीकें विकसित हुई है जो आगे चलकर समाज को एक नया दृष्टिकोण दिखाएंगेl




 बेबिनार के संयोजक  संजीव चतुर्वेदी ने स्वागत भाषण देते हुए कोरोना पर विभिन्न आंकड़ो को प्रस्तुत करते हुए कोरोना में उत्पन्न अवसरों की जानकारी दी। मुख्य अतिथि श्री समीर वर्मा ने चाहा कि आगे आने वाला समय उपलब्ध अवसरों को सकारात्मक रूप से क्रियान्वित करने का है और समाज के हर वर्ग को जुड़कर कार्य करने पर बल दियाl
वेबिनार की अध्यक्षता कर रहे नेत्र चिकित्सक डॉ अवध दुबे ने इस कोरोना के समय स्वयं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और स्वयं की प्रतिभाओं को निखारने को प्रेरित किया इसके साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों शिखा अग्रवाल मनोज शुक्ला के  कोरोना के प्रति व्याप्त शंकाओं का निवारण उनके द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नों का उत्तर देकर किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष  टीकम चंद सेठिया पूर्व लायंस गवर्नर  गोपाल तुलसियान कानपुर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष  सुखबीर सिंह मलिक  समाजसेवी  संजीव पाठक समाजसेवी परमजीत कौर ने सम्मिलित स्वर में मुस्कुराए कानपुर अभियान की सराहना की और  कानपुर शहर को फिर से मुस्कुराने का मौका दिलाने में प्रयासरत  मुस्कुराए कानपुर मूवमेंट को अपना पूर्ण योगदान देने का आश्वासन दियाl विश्वविद्यालय की पूर्व वित्त अधिकारी डॉ संध्या मोहन  ने  कोरोना में आत्मविश्वास बनाये रखने को कहा। कार्यक्रम का संचालन भारत उत्थान न्यास की  महिला प्रमुख डॉक्टर कामायनी शर्मा  और सह संचालन मुस्कान  फाउंडेशन की  पूजा गुप्ता ने किया इस दौरान एलाइंस  अध्यक्ष मनोज शुक्ला नई दिल्ली की असिस्टेंट प्रोफेसर अपूर्वा वशिष्ठ,कविता दीक्षित,सह संयोजक अनुपम देसवाल ने भी अपने विचार रखे।
 डॉ अनुराग पाण्डेय द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए एवं स्व0अटल जी को  श्रद्धाजंलि देते हुए उनकी पंक्तियां हार नही मानूँगा रार नयी ठानूँगा के माध्यम से कोरोना से संघर्ष का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ मंजू जैन प्रभा पाण्डेय, आयुषी कटियार मोनिका सविता ममता श्रीवास्तव
,वंदना सिंह अनु गोयल आदि ने प्रतिभाग किया।


Saturday, August 15, 2020

देश का सबसे बड़ा समझौता


रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जियो प्लेटफॉर्म लिमिटेड और फेसबुक के वॉट्सऐप से देश के करोड़ों किराना दुकानदारों और ग्राहकों को जोड़ा जा सकता है।
इस प्रकार जियो ऑर फ़ेसबुक ने एक अग्रीमेंट पर हस्ताक्षर की घोषणा की है जिसके मुताबिक फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म में 43,574 करोड़ रुपये यानी 6.22 अरब डॉलर का निवेश किया है।यानि इस डील के बाद जियो में फेसबुक की 9.99 फीसदी की हिस्सेदारी होगी ।
भारत में किसी टेक्नोलॉजी कम्पनी में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश कहा जा रहा है। 
फेसबुक के लिए दुनिया का चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार भारत है। भारत में फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप के 40 करोड़ यूजर्स हैं। 
फेसबुक और रिलायंस जियो के बीच हुआ  यह  समझौता देश में चर्चा का विषय बन गया है।इसकी एक बड़ी वजह ये है कि ये सिर्फ एक समझौता नहीं है बल्कि इसके ऑर भी मायने हैं और ये देश के किराना कारोबार की तस्वीर में बहुत बड़ा बदलाव लाने वाला है ।
फेसबुक और जियो के बीच हुई साझेदारी में व्हॉट्सएप की भी गहरी भूमिका है क्योंकि व्हॉट्सएप फेसबुक की ही कंपनी है।माना ये भी जा रहा है कि देश के करोड़ों लोगों को घर बैठे-बैठे व्हॉट्सएप के जरिए स्थानीय किराना स्टोर से ऑर्डर कर पाने की सुविधा इस डील के जरिए मिल पाएगी।



इसके लिए उसने अपना नया ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जियोमार्ट बनाया है।फेसबुक के साथ डील से उसके लिए फेसबुक मैसेंजर और वॉट्सऐप के द्वारा किराना दुकानदारों को सपोर्ट देना आसान हो जाएगा ।
दोनों कंपनियां इस बात के लिए अब काम करेंगी कि वॉट्सऐप के द्वारा लोगों के घरों तक किस तरह से उनके पास के किराना दुकान का सामान पहुँच सके , ऑर ऑनलाइन ही पेमेंट किया जा सके । जिससे किसी को भी परेशानी का सामना ना करना पड़े ।जियो मार्ट को कंपनी ने 'देश की नई दुकान' कहा है।जियो मार्ट के जरिए लोगों को 40- 50हजार से अधिक ग्रोसरी प्रोडक्ट्स और फ्री होम डिलीवरी की सुविधा भी मिलेगी ।


फ़ायदे -


-भारत में 6 -7 करोड़ छोटे व्यवसायों के लिए अवसर पैदा करने में मदद करेगा ।
-बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में लोगों और व्यवसायों को अधिक प्रभावी ढंग से काम करने में मददगार होगा ।
-जियो की साझेदारी से सभी ऑर्डर कर आसपास की स्थानीय दुकानों से दिन-प्रतिदिन के सामानों की डिलीवरी घर पर ही पा सकते हैं।
-रिलायंस जियो के इस गठजोड़ से गांवों की कायापलट हो जाएगी ।
-छोटे किराना कारोबारियों को जियोमार्ट के साथ पार्टनरशिप से फायदा मिलेगा ।
-इस डील से पूरे भारत में लोगों को बिजनेस के नए अवसर मिलेंगे।
-भारत के छोटे कारोबारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने में मदद कर रहा है।
-जियो के 38.8 करोड़ ग्राहकों के साथ फेसबुक के ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
- नुक़सान
- हो सकता है इन डिजिटल ट्रैंज़ैक्शन का भुगतान ग्राहकों को करना पड़े , ग्राहकों की जेब पर ज्यादा ज़ोर पड़ सकता है ।


यह तो समय ही बताएगा कि यह समझौता किसके लिए कितना 
फ़ायदेमंद रहा ।


Wednesday, August 12, 2020

"आजादी मेरा अभिमान"

कल दिनांक 11/08/2020 को काँग्रेस द्वारा चलाए जा रहे "आजादी मेरा अभिमान" अभियान के तहत 'सम्मान दिवस' के अवसर पर कानपुर की विधान सभा 209- बिल्हौर की धरती ग्राम जगदीशपुर में जन्मे स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी स्व0 डॉ गया प्रसाद कटियार जी के परिवार से मिलने आज उनके शहर निवास इंदिरा नगर में कानपुर नगर ग्रामीण काँग्रेस जिलाध्यक्ष ऊषा रानी कोरी  अपने साथियों श्री आर एन सिंह चंदेल और भैया राजा सिंह के साथ उनके घर पहुँची



और मौजूद 95 वर्ष से अधिक की आयु पार कर चुकी महान क्रांतिकारी डा गया प्रसाद कटियार जी की धर्म पत्नी श्रद्धेय श्रीमती निर्मला देवी कटियार जी मिलकर उनका आशीर्वाद लिया और उन्हें शॉल, पुष्पमाला के साथ सम्मानित किया, उनके क्रांतिकारी पुत्र श्री क्रांति कुमार कटियार जी को तिरंगा गमछा भेंट कर परिवार के अन्य सदस्यों को पुष्पमाला देकर सम्मान किया, और पास बैठकर स्वतंत्रता संग्राम की यादों को ताजा किया। सेनानी परिवार द्वारा कानपुर नगर ग्रामीण काँग्रेस परिवार की जिलाध्यक्ष ऊषा रानी कोरी जी के पहुँचने और सम्मान किये जाने के क्षणों को यादगार बताया।
कानपुर नगर ग्रामीण , काँग्रेस जिलाध्यक्ष ऊषा रानी कोरी  ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के ये महान क्रांतिकारी हमारे देश की धरोहर हैं, क्योंकि इनके आज़ादी के संघर्ष और जज़्बे की बदौलत ही हम आज आज़ाद भारत में सांस ले रहे हैं। 


 


Sunday, August 9, 2020

एक ऐसी नारी, जो कभी न हारी:डॉ. पूनम शर्मा


डॉ. पूनम शर्मा, एक ऐसी नारी जो कभी न हारी, 
एक ऐसी नारी जो दुष्टों पर भारी, 
है जितनी मार्डन उतनी ही संस्कारी। 
दुर्गा मां सी छवि इनकी, 
काली माता सी अवतारी।
क्षमा कर देगी हर गलती तुम्हारी, 
बर्दाश्त नहीं इन्हें झूठ, पाप और अत्याचारी।
है हर युवा नारी की सखी,
सब बुजुर्गो की दुलारी।
मान कर भगवान अपने माता-पिता को,
उनकी हर एक बात स्वीकारी।
है लक्ष्मी मां सा रूप इनका,  
सरस्वती मां सी  ज्ञानकारी।



दिल में इनके रहम और प्रेम,
और मस्तिष्क पर सबकी जिम्मेदारी।
पावं चले तो केवल सत्य की राह पर,
हाथ उठे तो किया दान दिल खोलकर,
कानो से जब भी सुना तो दुसरे का दुख सुना, खोली जो आंखे तो पूरे जग को रोशन कर दिया ।
निस्वार्थ होकर सारे समाज का भला किया।
होठ हिले तो "देवी मैेया" का नाम लिया।
अंधकार से हमें बचाती
ईश्वर का एहसास कराती।



" डॉ पूनम शर्मा" एक
ऐसी नारी जो कभी ना हारी ।



प्रस्तूत हैं डा•पूनम शर्मा के साथ वार्तालाप के कुछ महत्वपूर्ण अंश:



●डा•पूनम शर्मा का बचपन, शिक्षा और परिवार:



अपने पिता श्री जगदीश राज शर्मा को वह अपने भगवान का दिया हुआ  सबसे महत्वपूर्ण तोहफा समझतीं है। उनके पिता न केवल उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है बल्कि सबसे बडे समर्थक भी हैं। पूनम जी के जीवन में उनके पापा की भगवान् के समान भावनाएं है जैसे अटूट प्रेम, विश्वास और श्रद्धा हैं।अपनी माँ सुशील शर्मा की लाडली हैं। इनके माता-पिता इन्हें अपना बेटा ही समझते हैं।



यह हर लड़की का सपना है कि उसकी शादी एक ऐसे आदमी से हो जो उसकी भावनाओं को समझे, उसकी देखभाल करे और उसके सपनों को प्राथमिकता के रूप में ले। पूनम जी ने कहा कि वह दुनिया के सबसे अच्छे पति श्री राजेश कुमार शर्मा जी को पाकर खुद को बेहद खुशकिस्मत समझती हैं, जिन्होंने उनके व्यक्तिगत रूप से या पेशेवर रूप से किए गए हर फैसले में हमेशा साथ दिया।उसे अपने पति पर बहुत गर्व है और वह चाहती है कि हर पुनर्जन्म में देवी



उन्हे पति के रूप मे सदैव श्री राजेश जी का ही साथ मिले। पूनम जी को तीन बहुत ही समझदार और सबसे प्यारे बच्चे रुद्राक्ष,आराध्या और कान्हा हैं जिन्हे देवी माँ का आशीर्वाद प्राप्त है।
वह अपने ससुर श्री राधाकृष्ण जी और सास श्रीमती पुष्पा देवी को दिल से बहुत सम्मान और प्रेम करती है। और उन दोनों के सहयोग के लिए उन्हे सदैव तहेदिल से धन्यवाद करती हैं।
शिक्षा: डा• पूनम शर्मा ने सदैव हर प्रकार की चुनौतियों को स्वीकार किया और किसी भी परिस्थिति को अपनी शिक्षा एवं समाज सेवा में बाँधा नहीं बनने दिया,उन्होंने एम•ए,बी.एड, समाज विज्ञान में पी.एच.डी की उच्च शिक्षा प्राप्त की हैं ।



●डा•पूनम शर्मा का लाकडाउन समय:



•डॉ पुनम शर्मा समाज हित के लिए कार्य करती है।इसीलिए नियमों को कभी भी अनदेखी नहीं करती और ना दुसरो को करने देती है। लाकडाउन का पूरा पालन कर रही हैं।
•गरीबों को राशन बांट रही हैं ।
•समाजिक स्तर पर लोगों को हर संभव सहयोग देने मे जुटी हुई हैं।



●डा•पूनम शर्मा के सिद्धांत:
डा•पूनम शर्मा कहती हैं कि उनके जीवन का एक मात्र सिद्धांत हैं "जियो और जीने दो" फिर चाहे वो इनसान  हो या कोई भी जानवर रूप हो, सभी को चैन से जीने का अधिकार हैं। और उन्होंने अपने  जीवन मे यह संकल्प लिया है कि वह हमेशा सही के साथ देगी चाहे कितनी भी बड़ी चुनौती या रुकावट क्यों न हो वो आजीवन निडरता से सत्य के साथ बेखौफ़ खड़ी रहेंगी।



●डा•पूनम शर्मा का सबसे खुशी भरा पल:



माँ बनना देवी माँ की सबसे बडी देन हैं, यह खुशी शब्दो से बयान नहीं की जा सकती। वह उस अति सुखद पल को नहीं भूल सकती,जब उन्होंने पहली बार अपने बच्चे अपनी गोद में उठाया था।



●उदास पलों में खुद को कैसे संभालती हैं डा• पूनम शर्मा:
पूनम जी उदासी मे एकांत में रहकर, केवल खुदी के साथ ही समय व्यतीत करती हैं और अधिक निराशा महसूस होने पर अपने पिता जी के साथ सब दिल की बातें और अन्य  परेशानियों को साझा करती हैं।उनके पापा उनकी हिम्मत,शक्ति और क्षमता का प्रतीक हैं। 



●डा•पूनम शर्मा के लिए रिश्तों की अहमियत:
पूनम जी कहती हैं कि उनके जीवन में रिश्तों की विशेष अहमियत हैं।वह कहती हैं रिश्ते कच्ची डोर और कांच की तरह नाजुक होते हैं ।जरा सी चूक और ग़लतफहमी से टूट सकते हैं। इसलिए रिश्तों में कभी भी गलतफहमियों को जगह न दे और पूरे दिल से रिश्ते निभाती हैं।



●डा• पूनम शर्मा ने हमें बताया कि वह अपने जीवन मे सदैव संतुष्ट रहती है, देवी माँ इन्हें जिस भी हालात मे रखती है वह खुशी से रहती हैं। पूनम जी का सभी परिस्थितियों के प्रति बहुत सकारात्मक और आशावादी रवैया है। वह मानती है कि जीवन अपने आप में एक चुनौती है, हम सभी को हिम्मत रखने की जरूरत है, और कभी भी किसी को हमारे चरित्र को परिभाषित करने का हौसला नहीं देना चाहिए या कभी भी अपने आप को छोड़कर किसी और को अपनी खुशियों की डोर नहीं सौपनी चाहिए।




●क्यों और कैसे बनी आप राजनैतिक व्यक्ति:


मेरा राजनीति मे आना मेरे पिताजी का सपना था। उन्होंने मुझे प्रेरणा दी निस्वार्थ मन से समाज की सेवा करने और सबके हित के लिए समाज मे अपना योगदान देने के लिए। हर धर्म, हर जाती और हर क्षेत्र के लोगों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए।



●क्यों और कैसे बनी आप समाज सेविका:
मैं किसी भी विकल्प से नहीं बल्कि अपने भाग्य से एक सामाजिक कार्यकर्ता बनी हूँ ।मैं देवी माँ की एक बहुविशेष एवं धन्य संतान हूं। भगवान ने मुझे समाज के कल्याण के लिए काम करने के लिए विशेष रूप से महिलाओं, अनाथ बच्चे और बूढ़े  लोगों के लिए काम करने के लिए चुना है । मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता बनी क्योंकि मैं समाज सेवा को अपना कर्म और धर्म मानती हूँ। इसके अलावा कोई भी अन्य काम नहीं है जिसमें मैं सहज महसूस करती हूं।



●क्यों और कैसा हुआ "WE" फाउंडेशन का निर्माण:



मैंने समाज और समुदाय के कल्याण के लिए काम करने का सपना देखा, जिसे पूरा करने मे मेरी पूरी टीम और  विशेषकर मेरे पापा ने बहुत सहयोग दिया।हम सबके हित,सुरक्षा और जीवन में सुधार के लिए काम करते है,चाहे उनकी जाति,पंथ या लिंग कुछ भी हो। यह संगठन उन महिलाओं के कल्याण के उद्देश्य से काम करता है, जो आशाहीन हैं और मदद की उम्मीद रखे हुए बच्चों और अनाथ बच्चों को सहयोग और समर्थन देता हैं जो अपनी जीवन मे बहुत कुछ हासिल करना चाहते हैं लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और सहारे की आवश्यकता हैं।हमारा लक्ष्य बुजुर्ग और बेसहारा नागरिकों जिनके पास कोई आश्रय नहीं है, को हर तरह की मदद करेगा  ताकि वह भी शांति और इज्जत से अपना जीवन व्यतीत कर सके। हमारा मतलब है हम सब। हम सभी के लिए काम करते हैं। हम सभी की सेवा करते हैं और हम एक ही टीम के रूप में काम करते हैं।



●मुझे "मेरी, मैं,मुझे,मेरा से मतलब नहीं, मुझे "हम" पर विश्वास हैं।मुझे केवल मेरी तरक्की, कामयाबी या ख़ुशी नहीं,मुझे सदैव हमारी खुशी चाहिए। 
•इस संगठन में योगदान, तलाश, सीखने, समर्थन लेने और विचारों को साझा करने के लिए सभी का तहे दिल से स्वागत किया जाता है। स्लोगन ऑफ वी फाउंडेशन "हम सभी के साथ" हैं। 



●कैसे बनी एक आम कन्या से देवी का स्वरूपः डा•पूनम शर्मा की उपलब्धि: 



जब कन्या रूप से ही लोग इन्हे  माँ  कहने लगे। जब वह खेलते समय 13 साल की बच्ची थी, तो वह बेहोश हो गई और दो घंटे से अधिक समय तक उस अवस्था में रही। अपने होश में आने के बाद उसने कुछ पड़ोसियों के जीवन और मृत्यु के बारे में कुछ अनुमान लगाए थे। हालांकि, लोगों ने इसे अजीब तरह से स्थापित किया, लेकिन फिर उन्होंने मान लिया कि वह अपनी बचकानी मासूमियत के कारण यह सब बोल रही थी, लेकिन जैसे ही लोगों ने उसे रोका वह जो कुछ भी बोलती है वह वास्तव में कुछ अंतराल के बाद हुआ था और फिर उसने घोषणा की कि मैं एक दिव्य देवी से मिलने पवित्र भूमि से वापस आई हूं और देवी माँ ने मुझे अपनी शक्तियों के साथ आशीर्वाद दिया, इसलिए उस दिन से वह अपने साथ कुछ प्राकृतिक शक्तियों का भी अनुभव करती है जो उसका सबसे अच्छा आशीर्वाद है देवी से।और इसी विशेष ताक़त को वह अपने जीवन की सबसे बडी उपलब्धि  मानतीं हैं।



●डा•पूनम शर्मा का सपना:
पूनम जी का सपना हैं कि वह इस दुनिया में मानवता की मिसाल बनकर रहना चाहती है और दुसरे मे भी मानवता और समाज सेवा जैसी भावनाओ को जिन्दा रखने मे तत्पर प्रयास करती रहती हैं। वह रक्त-दान करती रहती हैं और उनकी सोच हैं कि जब में इस दुनिया से जाऊँ तो शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे आँखे,गुर्दे और दिल का दान अवश्य  करूँगी। ताकि किसी मासूम के जीवन को खुशियों से भर सकूं।



●डा•पूनम शर्मा का समाज को संदेश-



पूनम जी कहती हैं कि मैं समाज से यह विनती करती हूँ कि कभी भी खुद को छोटा समझ कर हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। प्रतेक मनुष्य का समाज में अपना योगदान और महत्व हैं।बुरे वक्त से घबराकर हिम्मत नहीं हारनी चाहिए कयोंकि वक्त कितना भी बलवान क्यो न हो कभी भी थम या ठहर नहीं सकता। हर रात के ढलते ही  एक नया सूरज जरूर उगता हैं।
डा•पूनम शर्मा के शब्द: 



●खुली किताब सी जिन्दगीं,
 खुद की हैं मैंने बनाई,
मेरे हुनर, प्रतिभा और भीतरी शक्ति की झलक मेरे पापा ने हैं मुझे दिखाई।
तैरह वर्ष की नन्ही कली थी मैं, 
जब महा मायी ने मुझपे कृपा दिखाई।
बनाकर मुझे अपनी परछाई, लोगों पर दुआओ और  रहमतो की खुशियाँ बरसाई।



●रात के घने अंधेरों में भी साथ ना छोड़ू, वो अक्स, वो साया हूँ मैं।
देवी माँ की कृपा से लाखों ज़िन्दगियाँ सवारू, ऐसी  उम्मीद की किरण हूँ मैं।
पापा मेरे और मैं पापा की दुनिया हूँ,
बेटी नहीं उनका  बेटा हूँ मैं ।



●मेरी क्षमता पर संदेह करने वाले सभी अब मेरी स्थिति को देखकर हैरान हैं, उनका मानना ​​है कि मैं एक ऐसे पक्षी की तरह हूं, जिसके न पंख, न जान हैं, लेकिन अब मेरी उड़ान को सबसे  वे ऊंचा मानते हैं वे,,,
शिक्षा लेकर डाक्टर बनी,आज एक माँ, पत्नी, बेटी और बहू हूँ मैं।
आज एक समाज सेविका, राजनीतिक व्यक्ति और जनहितैषी हूँ  मैं ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि पूरे समाज के बारे मे सोचने वाली,साथ ही समाज और जनहित के जीवन मे सुधार लाने का लगातार प्रयास करनें वाली निडर सेविका को लम्बी आयु, कामयाबी  और ढेरों खुशियाँ दे। लेखिका परमीत कौर की ओर से डा•पूनम शर्मा जी को बहुत-बहुत प्रेम और शुभकामनायें ।


 


Saturday, August 8, 2020

बनते हैं आचार्य


बनते हैं आचार्य , आचरण करते नहीं हैं 


करते सत्याग्रह , आमरण करते नहीं हैं 


है विदेश में पैसा , किसका कितना 


जो दबा देश के अंदर आहरण करते नहीं हैं 


संसद में बन जाए , चाहे नीति अनीति 


किससे है नुकसान , आकलन करते नहीं हैं 


सत्य और ईमान , आज है डरा हुआ 


झूठे और मक्कार आज कल डरते नहीं हैं 


तुम भी सुधरो तुम भी सुधरो तुम भी सुधरो 


करके गंगा मैली , आचमन करते नहीं हैं 


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