Saturday, August 8, 2020

बनते हैं आचार्य


बनते हैं आचार्य , आचरण करते नहीं हैं 


करते सत्याग्रह , आमरण करते नहीं हैं 


है विदेश में पैसा , किसका कितना 


जो दबा देश के अंदर आहरण करते नहीं हैं 


संसद में बन जाए , चाहे नीति अनीति 


किससे है नुकसान , आकलन करते नहीं हैं 


सत्य और ईमान , आज है डरा हुआ 


झूठे और मक्कार आज कल डरते नहीं हैं 


तुम भी सुधरो तुम भी सुधरो तुम भी सुधरो 


करके गंगा मैली , आचमन करते नहीं हैं 


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