अपूर्वा वशिष्ट
आजकल तकनीक में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता)को लेकर काफी बातें हो रही हैं। दुनिया की अधिकतर बड़ी-बड़ी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर रिसर्च कर रही हैं। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस है क्या और इस तकनीक में ऐसा क्या है कि इसे भविष्य की तकनीक कहा जा रहा है ?
क्या है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का मतलब है कि इंसान की सोचने की शक्ति, भावनाएं या कहें कि इंसानी विवेक हम मशीन में डाल दें। आसान शब्दों में कहें तो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, वो तकनीक है, जिसके तहत रोबोट्स किसी भी हालात में इंसानों की तरह सोच सकें और उसके मुताबिक निर्णय ले सकें। गौर करने वाली बात ये है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में अब वैसी मशीनें शामिल नहीं की जाती, जो कैमरे से देखकर सिचुएशन को एनालाइज कर सकें, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में इससे भी एडवांस तकनीक शामिल की जाती है, जो किसी की भाषा को समझ सकें, निर्णय ले सकें, अपने इमोशन शेयर कर पाएं।
तो कुल मिलाकर आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस के उपयोग से ऐसी मशीने बन रही है, जो अपने वातावरण के साथ इंटरैक्ट करके प्राप्त डाटा पर खुद बुद्धिमानी से कार्य कर सकती है। यानी अगर फ्यूचर में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और मजबूत होता है, तो यह हमारे दोस्त जैसा होगा। अगर आपको कोई प्रॉब्लम आयेगी तो उसके लिए क्या करना है यह आपको खुद सोच कर बतायेगा।
आज आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस एक बहुत ही लोकप्रिय विषय है, जिसकी टेक्नोलॉजी और बिज़नेस के क्षेत्रो में काफी चर्चा है। कई विशेषज्ञों और उद्योग के जानकारों का मानना है, की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस हमारा भविष्य है। लेकिन अगर हम अपने चारों तरफ देखे तो हम पाएंगे की यह हमारा भविष्य नही बल्कि वर्तमान है। टेक्नोलॉजी के विकास के साथ आज हम किसी न किसी तरीके से आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस से जुड़े हुवे है और इसका फायदा भी ले रहे है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से फायदे
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को भविष्य की तकनीक इसलिए कहा जा रहा है कि इससे दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद की जा रही है। गूगल ने तो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित कारें बनाने पर रिसर्च भी शुरु कर दिया है। ऐसी कारों को चलाने के लिए किसी ड्राइवर की जरुरत नहीं होगी। ये कारें सेंसर की मदद से चलेंगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सकेंगी।
-चिकित्सा में
चिकित्सा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धि) के फायदे अनेक है यह डॉक्टरों को कम समय में किसी भी प्रकार की जानकारी दे सकते है एवं हॉस्पिटल के अनेक कार्य इनसे कराये जा सकते है, अभी हाल ही में कैंसर के उपचार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित मॉडल बनाया गया है।
-कोई ब्रेक नहीं
मशीनें बिना रुके 24*7 Hours कार्य करने में सक्षम होगी जबकि इंसान को ब्रैक लेने की जरुरत होती है।
-कम त्रुटियाँ
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस्तेमाल से त्रुटिविहीन कार्य आसानी से किये जा सकते है क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसमें सिर्फ एक बार मशीन में जानकारी डालनी होती है उसके बाद मशीन खुद से प्रोसेस करके अनुकूल रिज़ल्ट देती है।
नुकसान
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस मनुष्य और तकनीकी का भविष्य है इसके द्वारा वो सभी कार्य किये जा सकते है, जो की मनुष्यों के लिए स्वयं द्वारा कर पाना संभव नहीं है। वैसे तो भविष्य मे यह टेक्नोलॉजी हमारे लिए बहुत ही फ़ायदेमंद होने वाली है परन्तु अगर यह गलत हाथों मे लग जाए जैसे आतंकवादी, नक्सलवादी इत्यादि, तो यह संपूर्ण मानव जाती के लिए एक बहुत बड़ा खतरा पैदा कर सकती है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस मिल जाने के बाद मशीनें यदि खुद निर्णय ले सकेंगी तो उनकी इंसानों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। ऐसे में वह इंसानों के लिए नुकसानदायक भी हो सकती हैं ! इसके साथ ही इंसानों और मशीनों में प्रतिस्पर्धा भी हो सकती है।
मतलब कि जो काम आज इंसान कर सकता है भविष्य में वो काम मशीनें कर सकेंगी और वो भी बिना इंसानों की मदद के। इस तरह मशीनें इंसानों के लिए वो हर तरह के खतरे पैदा कर सकती हैं, जो आज एक इंसान दूसरे इंसान के लिए करता है। यही वजह है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर उम्मीदों के साथ ही आशंकाएं भी जुड़ी हुई हैं।
सावधानी भी ज़रूरी है
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से हमारे रहने और कार्य करने के तरीकों में व्यापक बदलाव आएगा। रोबोटिक्स और वर्चुअल रियलिटी जैसी तकनीकों से तो उत्पादन और निर्माण के तरीकों में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलेगा। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के मुताबिक अकेले अमेरिका में अगले दो दशकों में डेढ़ लाख रोज़गार खत्म हो जाएंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग भली भांति करना चाहिए यह वरदान साबित होगा या अभिशाप यह तो भविष्य में ही पता चलेगा ।