चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में 3 दिसंबर 2020 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के जन्मदिवस को कृषि शिक्षा दिवस के रूप में मनाया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इस कार्यक्रम में निदेशक शोध डॉक्टर एच जी प्रकाश ने कहा कि हमें कृषि के क्षेत्र में अधिक प्रतिभाशाली छात्रों, सक्षम संकाय और अभिनव शोध कार्यकर्ताओं को कृषि शिक्षा की तरफ आकर्षित करना है।
कृषि शिक्षा दिवस के अवसर पर देश में अंगीकृत की गई नई शिक्षा नीति 2020 छात्रों एवं किसानों को केंद्रित करके बनाई गई है । जिससे कृषि में उद्यमिता का विकास होगा और रोजगार की अपार संभावनाओं के साथ कृषकों की आय दोगुनी होने में मदद मिलेगी साथ ही कृषि शिक्षा को प्राथमिक स्तर से ही अनिवार्य करना चाहिए। जिससे छात्रों की कृषि शिक्षा और रुचिकर हो।
गोवा के 25 प्राथमिक स्कूलों में छात्र कृषि विषय को प्रयोग करके स्वयं सीखते हैं जो कि एक अनूठा उदाहरण है। इस अवसर पर निदेशक प्रसार डॉक्टर धूम सिंह ने कृषि शिक्षा जागरूकता विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी कृषि छात्र स्नातक अंतिम वर्ष में इंटर्नशिप करते हैं जिसमें वे प्रशिक्षण, ग्रामीण जागरूकता,उद्योग के अनुभव, अनुसंधान विशेषज्ञता और उद्यमिता कौशल हासिल करने के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जैव विविधता,उच्च उत्पादकता, खाद्य सुरक्षा के प्रति छात्रों को आकर्षित करना है। जिससे वे स्वयं के उद्यम स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकें। इस अवसर पर अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉक्टर धर्मराज सिंह ने कृषि शिक्षा के महत्व एवं उपयोगिता विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
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