Friday, December 18, 2020

यूपी बोर्ड डेटाबेस लीक मामले पर एफआईआर में विलंब को लेकर डीजीपी को तलब

अपने बयानों और खोजी कार्यों से चर्चित रहने वाले चर्चित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश बोर्ड के 10वीं तथा 12वीं कक्षा के छात्रों के डेटाबेस के निजी व्यक्ति को लीक होने तथा इसे अन्य व्यक्तियों को सार्वजनिक रूप से बेचे जाने के मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने पर गंभीर आपत्ति प्रकट की है | 

डीजीपी एच सी अवस्थी तथा अन्य को भेजे अपने पत्र में अमिताभ ने कहा कि उन्होंने 14 दिसंबर 2020 को एसएसपी कानपुर नगर को उत्तर प्रदेश के 10वीं तथा 12वीं की परीक्षा के छात्रों का डाटाबेस लीक होने तथा थाना रायपुरवा, कानपुर नगर स्थित इंडीस कंपनी के लोगों द्वारा इसे बेचे जाने की शिकायत की थी | उन्होंने बताया था कि कंपनी द्वारा 1 पिनकोड का डाटाबेस रु० 1000 में, 1 शहर का डेटाबेस रु० 3500 में तथा पूरा डाटाबेस रु० 6500 में बेचा जा रहा हैं. कंपनी के लोगों के अनुसार उनके पास उत्तर प्रदेश में वर्ष 2020 में 10वीं के 3,46,505 तथा 12वीं के 2,27,984 छात्रों के डेटाबेस है. इस डेटाबेस में छात्रों के नाम, पिता का नाम, ईमेल तथा मोबाइल नंबर भी शामिल हैं | 

अमिताभ ने कहा कि 10वीं तथा 12वीं की परीक्षा में बैठे स्टूडेंट्स का डाटाबेस प्राप्त किया जाना प्रथमद्रष्टया आपराधिक कृत्य जान पड़ता है क्योंकि यह डेटाबेस पूरी तरह संबंधित परीक्षा बोर्ड का स्वत्वाधिकार है | उन्होंने कहा कि इस तथ्य से सूचित होने के बाद भी आज तक इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है | उन्होंने इस संबंध में एसएसपी/डीआईजी सहित सभी पुलिस अफसरों से बात की किन्तु सभी लोग अभी तक जाँच किये जाने की बात कर रहे हैं |

अमिताभ ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जाँच की जानी चाहिए थी क्योंकि एफआईआर में विलंब होने पर अभियुक्तगण को इसका निश्चित लाभ मिलेगा , अतः अमिताभ ने डीजीपी से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्यवाही कराये जाने मांग की है | 

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