जरौली फेस-2 कनिका यादव (बदला हुआ नाम) अपने परिवार के साथ रहती हैं उनके बच्चे व बच्चों के दोस्त मोहल्ले के बेसहारा जानवरों को खाना पानी पिलाने का कार्य करते हैं। 31 मार्च की सुबह उन्हें सूचना मिलती है की एक पिल्ला जिसकी उम्र 4 माह के आसपास थी जिसे बच्चे खाना पानी खिलाते रहते थे वह जटा शंकर पैलेस के सामने सड़क पर बेसुध पड़ा हुआ है ।
बच्चों ने पास जाकर देखा तो उन्हें पता चला कि वह बहुत बुरी स्थिति में था और उन बच्चों को देखकर वह पड़े पड़े चिल्लाने लगा ! न हीं वह उठ पा रहा था, न हीं चल पा रहा था ! इसके बाद बच्चे अपनी माँ के सहयोग से उसे जाजमऊ स्थित पेट क्लीनिक ले गए !
जहां पर डॉक्टर ने उसके ब्लड टेस्ट किए ,उसे इंजेक्शन लगाया और आशंका जताई कि इसे बुरी तरह मारा गया है! क्योंकि उसके शरीर में ब्लड क्लॉट्स पड़े हुए थे । शाम को उस श्वान पिल्ले को वापस लाते वक्त रास्ते में ही उसकी दुखद मृत्यु हो गई।
मोहल्ले में वापस जाकर जानकारी जुटाने पर पता चला कि मोहल्ले के ही किसी व्यक्ति ने उस पिल्ले को बुरी तरह डंडों से मारा था जिसके कारण इंटरनल ब्लीडिंग हुई और उसकी मृत्यु हो गई ।
यह जानकारी जब स्ट्रीट डॉग्स ऑफ कानपुर की नैनप्रीत और आकृति को पता चला तो उन्होंने इस क्रूरता के खिलाफ चुप ना बैठने का निर्णय लिया! अन्य पशु अधिकारों के लिए कार्य करने वाले संगठनों से बात कर कर उन्होंने तय किया कि वह इस हत्या के विरोध में थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे ।
पशु प्रेमियों व पशु अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली संस्थाओं को कोआर्डिनेट करने वाली संस्था "टीम कानपुर फॉर वॉइसलेस" के कनवेनर गौरव बाजपेई (गौरैय्या बचाओ) व सभी सदस्यों ने इसका एक सुर में समर्थन किया और आज 1 मार्च को बर्रा थाने में विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों व पशु प्रेमियों ने इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।
इंस्पेक्टर हरमीत सिंह और धीरेंद्र वर्मा जी ने मामले की गंभीरता को समझा और उन्होंने शीघ्र कड़ी कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया |
इस पूरे कार्य मे सेवा दान फाउंडेशन के हर्षित अवस्थी, अमन शुक्ला, आन्या त्रिवेदी, स्पेशल ट्रीटमेंट फॉर एनिमल्स एंड रेप्टाइल्स सोसायटी की तमन्ना सेठी ,रमित सेठी, हीरो फाउंडेशन की पल्लवी शुक्ला, पशु आश्रय चलाने वाले ज्ञानेंद्र अवस्थी व प्रखर तिवारी, आदि उपस्थित रहे !
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