Tuesday, May 18, 2021

बेजुबानो की खीर पार्टी

आज दिनांक 18 मई को  "टीम कानपुर फ़ॉर वॉइसलेस" ने गोविंद नगर और दादानगर क्षेत्र में करीब 150 डॉग्स की खीर पार्टी कराई!

STARS NGO (स्पेशल ट्रीटमेंट फ़ॉर एनिमल्स एंड रेप्टाइल्स ) की संचालक तमन्ना सेठी व रमित सेठी के मार्गदर्शन में भूखे श्वानों को खीर भोज गोविंद नगर, दादानगर के क्षेत्र में कराया गया!

टीम कानपुर फ़ॉर वोइसलेस के कोऑर्डिनेटर गौरव बाजपेई (गौरैय्या बचाओ) ने बताया कि "भूख तो सभी को लगती है" कोरोना काल की समस्याएं सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान बेसहारा प्राणी जो हमारे घरों के बाहर घूमते हैं और सीधे तौर पर इंसान पर ही आश्रित होते हैं यह बेचारे भी इस महामारी का दंश झेल रहे हैं!

 हां यह बीमार जरूर नहीं हो रहे, लेकिन यह भूख से बेहाल हैं! आप सभी को याद होगा जब स्थितियां सामान्य थी, शहरों  में सड़कों और गलियों में चहल-पहल थी, खाने-पीने के ठेले लगते थे, तब वहां से यह बेसहारा जानवर जैसे कुत्ते और गोवंश  अपना पेट जूठन से भर कर अपनी जिंदगी चला लेते थे ! 

पर आज शहर पूरी तरह से शांत है, ठेले नहीं लग रहे हैं, रेस्टोरेंट बंद है, ढाबे बंद है! कहीं से खाने-पीने का कोई सामान मुहैया नहीं हो पा रहा हैऔर इसका सबसे ज्यादा असर इन बेजुबान जानवरों को झेलना पड़ रहा है क्योंकि यह मूल रूप से जूठन और भोजन की बची खुची सामग्री पर ही पेट की आग बुझाने के लिए निर्भर होते थे !

अतः अब यह मानव समाज का नैतिक कर्तव्य बनता है कि इन भूखे प्राणियों के बारे में सोचें क्योंकि भूख तो सभी को लगती है! बार-बार लगती है! इसका कोई अंत नहीं होता! 

शहर वासियों के घरों से नियमित तौर से बासी भोजन, जूठन और फलों और सब्जियों के छिकले निकलते हैं !किंतु यह घरों में ही कूड़े में मिल जाते हैं या  सड़क पर कूड़े में फेंक दिए जाते हैं , जहां यह पशुवों के हक का भोजन कुचल जाता हैं या खुले में पड़े होने के कारण सड़ जाते हैं!

 और यह पदार्थ जो एक जानवर की भूख मिटा सकते थे वह व्यर्थ हो जाते हैं , अतः आप सभी सम्मानित नगर वासियों से अनुरोध है कि आप अपने घर से निकलने वाले बासी भोजन जूठन और फलों सब्जियों के छिक्कलों को घर के बाहर किसी साफ स्थान पर रख दें , जैसे ही यह पदार्थ आपके घर से निकलते हैं! ताकि आपके घर के बाहर से निकलने वाला एक भूखा प्राणी उसे खा कर के अपनी थोड़ी सी भूख मिटा सके और वह पदार्थ जो किसी प्राणी के कार्य आ सकता था हमारी लापरवाही से व्यर्थ ना जा सके । ऐसा सब करेंगे तो कोई बेजुबान बेसहारा प्राणी भूखा नही रहेगा!

अपनी भूख तो सबको दिखती है पर शहर में ऐसे कई कर्मवीर भी हैं जो अपनी भूख से ज्यादा इन बेजुबान जानवरों की भूख को तवज्जो देते हैं आज हम आपको ऐसे कुछ प्राणियों के हितेषी हो से मिलाने वाले हैं।

टीम कानपुर फ़ॉर वॉइसलेस के ये सभी सदस्य अपने अपने संसाधनों को विकसित करके प्रतिदिन करीब 700- 1000 चौपाये जानवरों का पेट भरने का कार्य कर रहे हैं!

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इसमे से कई सदस्य अपने खुद के NGO भी चला रहे हैं और बहुत से सदस्य यह कार्य व्यक्तिगत रूप से पूरी निष्ठा के साथ कर रहे हैं!! 

तमन्ना सेठी गोविंद नगर, दादानगर में

प्रखर तिवारी शिवाला में 

मनहर कांत , पल्लवी शुक्ला शास्त्री नगर में

मयंक त्रिपाठी और मयंक अवस्थी बर्रा में

 आशुतोष त्रिपाठी अमन शुक्ला, अंकिता यादव ,किदवई नगर में

दीपक राणा (लाल बंगला/ श्याम नगर)

कनिका बजाज ( गोविंद नगर)

 कनिका मिश्रा (पांडु नगर) 

दीपिका जी (यशोदा नगर)

सोनम महेश्वरी (तेजाब मिल कम्पाण्ड)

ज्ञानेंद्र अवस्थी / सुशील पांडेय (पनकी)

 नैनप्रीत कौर (गुमटी) 

आकृति राजपाल ( शाश्त्री नगर ) शुभांगी सरावगी ( श्याम नगर) कल्याण सरकार ( पनकी)

 हेमानी श्रीवास्तव (पांडु नगर) 

गौरव अपर्णा बाजपेई ( हूला गंज)

सचिन गौड़ (कमला टावर )

अर्पित जैन ( बादशाही नाका)

यह सभी कार्यकर्ता रोज अपने स्तर पर अपने घर के आस-पास के क्षेत्रों में जाकर के भूखे श्वानों व कुछ हद तक गौवंशों को भोजन कराने का नियमित कार्य इस लॉकडाउन के पीरियड में भी कर रहे हैं !

साथ ही  घायल होने की स्थिति में उनकी चिकित्सकीय मदद  भी कर रहे हैं  यह सारी मदद यह अपने स्वयं के संसाधनों से करते हैं इसके लिए उन्हें सरकारी कोई भी मदद नहीं मिलती है!

 इसके अलावा भी शहर में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें हम नहीं जानते किंतु वह प्राणियों की भूख के दर्द को समझते हैं और अपने स्तर पर फीड करा रहे हैं इसके बावजूद यह संख्या बहुत कम है समाज में हर व्यक्ति को यह समझना होगा कि जब वह अपने घर से निकलने वाले, उसके लिए व्यर्थ हो चुके पदार्थों को ही , यदि इन बेजुबानों के पेट तक पहुंचा दें तो शहर का कोई भी बेजुबान भूखा नहीं सो सकता भूख से व्याकुल नहीं हो सकता!!



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