उत्तर प्रदेश के कानपुर के चुन्नी गंज स्थित अमर शहीद गंगू बाबा स्थल पर अमर शहीद गंगू बाबा स्मारक एवं संचालन समिति के तत्वाधान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संचालक देव कबीर ने कहा कि- आज से 163 साल पहले 5 जून 1858 को इसी स्थल पर लगे नीम के पेड़ पर गंगू बाबा जी को अंग्रेजों ने फांसी पर चढ़ा दिया था । वह अत्यंत पिछड़े स्वच्छ कार समुदाय से थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण निछावर कर दिए थे। वह बिठूर के नाना साहेब पेशवा की फौज में थे । लगभग सौ सालों से इस स्थान पर उनके नाम का दिया जलाया जा रहा था। उनकी एक मूर्ति भी यहां पर स्थापित थी। सन 2016 में इस स्थल का सुंदरीकरण एवं विस्तारीकरण का काम किया गया । अब यह एक दर्शनीय स्थल बन गया है। हजारों लोगों की आस्था इस स्थल से जुड़ी हुई है । गंगू बाबा को लोग न केवल एक शहीद के रूप में पूजते हैं बल्कि एक महान संत के रूप में भी नमन करते हैं। बहुत दूर-दूर से लोग आकर मन्नते मांगते हैं और पूरी हो जाने पर मिठाई, वस्त्र, घंटे आदि चढ़ाकर जाते हैं। आज उनकी शहादत दिवस के अवसर पर विभिन्न संगठनों द्वारा सुबह से लेकर शाम तक कार्यक्रम चलते रहे।अमर शहीद गंगू बाबा के तत्वाधान में भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर संचालक देव कबीर के अलावा कुंवर जीत, चमन बिरिहा ,संजय टेकला,अरूण हजारिया,प्रियांशु चौधरी, विकास गौतम, रुद्रांश जीत,शिवा तथा रुद्राक्ष मौजूद रहे।
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