Monday, February 28, 2022

कानपुर की सौम्या सखूजा ने फिर मारी बाजी

पिछले सप्ताह 25 फरवरी को कानपुर शहर की सौम्या सखूजा ने सीएस एग्जीक्यूटिव परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 12वीं रैंक में अपनी जगह बना कर शानदार उपलब्धि हासिल की , इस खबर से न सिर्फ सौम्या बल्कि उनके परिवार और उनके शिक्षकों और मित्रों में जैसे खुशी की लहर दौड़ पड़ी |


कंपनी सचिव बनने के लिए सीएस प्रोफेशनल परीक्षा पास करना सौम्या का अगला उद्देश्य है |

कानपुर के प्रतिष्ठित विद्यालय सर पदमपत सिंघानिया एजुकेशन सेंटर से अपनी 12वीं तक की शिक्षा पूरी करने वाली सौम्या ने 12वीं में भी 98.4 अंक पाकर शहर में टॉप किया था, विद्यालय ने सौम्या के सम्मान में पचास हज़ार की स्कॉलरशिप देने के साथ ही फेयरवेल के समय उन्हें मिस पदमपत के खिताब से भी नवाजा था |  

इसके बाद भी सौम्या की रफ्तार नहीं रुकी, उसने सीएस फाऊंडेशन की परीक्षा में भी ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया था | 

तब भी वो कानपुर शहर की टॉपर थी आज भी वो कानपुर शहर की टॉपर है |

सौम्या सखूजा ने विशेष बातचीत में हमें बताया कि सीएस फाऊंडेशन से सीएस एग्जीक्यूटिव परीक्षा तक का सफर बेहद महत्वपूर्ण था, इस समय काल में सबसे ज्यादा जो मैंने सीखा वह था 'टाइम मैनेजमेंट' कि 8 विषयों को इस तरह से कितना समय देना है और किस प्रकार उन्हें रिवाइज करना है |

कानपुर के बिजनेसमैन विशाल सखूजा और एकता सखूजा की बेटी सौम्या सखूजा का मानना है कि " पढ़ाई से ध्यान भटकाने वाली बातों पर ध्यान ना दे कर बिना किसी दबाव के व्यवस्थित तरह से पढ़ाई करनी चाहिए |

सौम्या कहती है कि कॉपी भरने से कुछ नहीं होता राइटिंग स्पीड अच्छी होने के साथ ही सवाल का जवाब एकदम स्पष्ट होना चाहिए अच्छी कोटेशन व लाइन को हाईलाइट करना बेहद जरूरी है | "

सौम्या के भाई मोहक सखूजा जोकि इंडिगो एयरलाइंस में कंपनी सचिव हैं, सौम्या बताती हैं कि तैयारी के दौरान भाई से पूरा मार्गदर्शन प्राप्त हुआ और एक अहम सहयोग भी मिला, सौम्या बताती हैं कि भाई को देखते हुए ही कहीं ना कहीं उन्हें भी कंपनी सचिव बनने की प्रेरणा प्राप्त हुई थी|

सौम्या नहीं बीएम इंस्टीट्यूट के गोविंद सर को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए ऑनलाइन तैयारी के विषय में अपने विचार रखते हुए कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई के अपने फायदे और नुकसान दोनों हैं | ऑनलाइन पढ़ाई ऑफलाइन के मुकाबले थोड़ा मुश्किल तो होती है लेकिन उतनी ही सहज भी...

सौम्या पढ़ाई के बीच में अपने कलात्मक हुनर को भी पसंद करती थी, जोकि ग्राफिक डिजाइनिंग और केक डेकोरेशन से संबंधित है | सौम्या का कहना बैकअप योजना के तहत उन्होंने ग्राफिक डिजाइनिंग के पेशे के सारे दरवाजे खोल रखे थे, जिसके लिए वह समय-समय पर तमाम प्रोफेशनल कोर्स के साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वेबिनार में शामिल होने के साथ ही फ्रीलांस रूप से कुछ कंपनियों को अपनी सेवा दिया करती थी |

बाबा भोलेश्वर धाम में शिवरात्रि का भव्य आयोजन

कानपुर के चर्चित और ऐतिहासिक विरासत को पिछले 62 सालों से संजोए स्वरूप नगर स्थित बाबा भोलेश्वर धाम मंदिर अपने आप में एक अनूठा स्थल है, जहां के आशीर्वाद से आज देश व विदेशों में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक लोगों ने ऊंचाई हासिल की है |

मंदिर कानपुर के दिल कहे जाने वाले मोती झील के पास स्वरूप नगर इलाके के मध्य में स्थित है, मंदिर पूर्णता वातानुकूलित है |


मंदिर की देखरेख एवं संचालन श्री शंकर श्रृंगार समिति द्वारा पिछले 40 सालों से किया जा रहा है |

शिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त से ही क्षेत्रीय लोग मंदिर में पूजा करते हैं, इसके बाद प्रातः 11:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक महारुद्राभिषेक का आयोजन होता है | इसके बाद धर्म की जीत हो अधर्म का नाश हो के भाव के साथ हवन पूजन होता है, फिर महा आरती और प्रसाद वितरण के बाद रंगारंग मनोरंजक कार्यक्रमों का शुभारंभ होता है जो कि पूरी रात चलकर सुबह 5:00 बजे खत्म होते हैं |

मंदिर प्रबंधक एवं आयोजक श्री कमल शुक्ल बेबी ( जोकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता होने के साथ ही इस ही पार्टी से क्षेत्र के वरिष्ठतम पार्षद भी हैं )

उन्होंने विशेष बातचीत में हमें बताया कि 1 मार्च 2022, महाशिवरात्रि के पर्व पर पूर्व की तरह इस बार भी भव्य आयोजन किया जा रहा है | जिसमें हाल ही में दिवंगत गायक बप्पी लहरी की भतीजी चांदनी जी कोलकाता से  शिरकत करने आ रही है तो वहीं गायक विनोद राठौर, प्रतिष्ठित एवं चर्चित भजनकार श्री अनूप जलोटा जी तथा कवि और हास्य कलाकार श्री प्रताप फौजदार आदि मशहूर शख्सियतें क्षेत्र की जनता का मनोरंजन करने और भोले बाबा का आशीर्वाद लेने आ रही हैं |


कानपुर के चर्चित इस कार्यक्रम में जॉनी लीवर, रजा मुराद, कपिल शर्मा, भारती, शक्ति कपूर, गोविंदा जैसे तमाम अभिनेता शिरकत कर चुके हैं |




 कार्यक्रम में विशेष

आयोजक ने हमें बताया कि कार्यक्रम 2 किलोमीटर के दायरे में होता है जिसमें अलग-अलग स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंग की छवियां प्रस्तुत की जाती हैं |

और नई तकनीकी के सहयोग से विशेष रोशनी का प्रबंध होता है, जिसमें कानपुर मेयर प्रमिला पांडे, कानपुर नगर आयुक्त शिवशरण अप्पा के माध्यम से नगर निगम का पूर्णता सहयोग मिलता है |

सन 1989 से लगातार पार्षद का चुनाव जीत रहे स्वरूप नगर के वर्तमान पार्षद श्री कमल शुक्ला बेबी से जब आगामी राजनीतिक उद्देश्यों के बारे में पूछा ~ तो उन्होंने बताया कि लगातार चुनाव जीतने और जनता का आशीर्वाद प्राप्त करने का एकमात्र कारण समाज के प्रति उनका सेवा भाव और आचरण है |



विधायकी के लिए कांग्रेस पार्टी से इस बार प्रियंका गांधी ने विकास दुबे की बहू को टिकट देते हुए "लड़की हूँ लड़ सकती हूँ" का नारा दिया, इसलिए मैंने विधायकी का चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा का दमन किया |

लेकिन आगामी मेयर चुनाव में मैं पार्टी से ना सिर्फ मेयर पद के लिए टिकट की मांग करूंगा बल्कि चुनाव जीत के भी लाऊंगा |

महाशिवरात्रि के कार्यक्रम के मद्देनजर उन्होंने बताया कि यह एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम है, जिसमें किसी भी पार्टी किसी भी राजनेता आदि का कोई स्थान राजनीतिक भूमिकाओं में नही है |

कार्यक्रम सैनिटाइजर और मास्क के साथ ही पूर्णता सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग करते हुए किया जाएगा तथा श्री कमल शुक्ला जी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि आचार संहिता का ध्यान रखते हुए किसी भी राजनीतिक गतिविधियों अथवा नारे का प्रयोग ना करें |

Sunday, February 20, 2022

संकल्प सेवा समिति टीम की सदस्य वैशाली ने लोकतंत्र के पर्व पर पहले मतदान फिर जलपान फिर रक्तदान किया |

संकल्प सेवा समिति टीम की सदस्य वैशाली त्रिपाठी, जो कि दिल्ली में जॉब करती है, वो 2 दिन के लिए कानपुर आयी और संकल्प सेवा समिति के अध्यक्ष सन्तोष सिंह चौहान से संपर्क कर रक्तदान करने की इक्षा जताई और संतोष सिंह के साथ ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान किया, आज लोकतंत्र के पर्व के दिन जँहा लोग मतदान कर रहे है वही वैशाली ने पहले मतदान फिर जलपान और फिर रक्तदान करके सभी को संदेश दिया कि रक्तदान करने के लिए कोई मौका नही छोड़ना चाहिए, जब भी मौका मिले तो रक्तदान अवश्य करना चाहिए, क्योकि हमारे रक्तदान से तीन लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है, क्योकि रक्तदान महादान है |

“जन्मदिवस”

शैलेंद्र श्रीवास्तव


स्वदेशी मंच भारत पत्रिका के डिजिटल अंक में आज प्रसिद्ध अभिनेता व गहरे लेखक शैलेंद्र श्रीवास्तव जी के जन्मदिन पर स्वयं उनके द्वारा रचित  बलिया की महक बिखेरती हुई, स्वागत योग्य जबरदस्त रचना | 

स्वदेशी मंच भारत परिवार आपको दीर्घायु होने के साथ ही जन्मदिन की तमाम बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित करने के साथ ही आगामी उद्देश्यों की प्राप्ति की कामना करता है |

    

फागुन मास फ़रवरी इक्कीस,

           कृष्ण-पक्ष में जन्में हम।

प्रेम, रंग उत्सव के मास में,

        प्रेम-स्वरूप ही जन्में हम॥

ऋतु वसन्त की मादकता में,

           बिना मधु उन्माद में हम।

बलिया के रहने वाले हैं,

       बलियाटिक कहलाते हम॥

आभारी हैं मात - पिता के, 

       जिनकी कृपा से जन्मे हम।

कालिन्दी के लाड़ले हैं और,

     लल्लन जी के लाल हैं हम॥

गंगा के तट पर जन्में हैं,

            भृगु-क्षेत्र में पलें हैं हम।

महाराष्ट्र अब कर्म-क्षेत्र है,

              मुम्बई में रहते हैं हम॥









नित्य नवीन चरित्र निभाते,

           कर्म से अभिनेता हैं हम।

कवि भी हैं लेखक भी हैं हम,

            जीवन को दर्शाते हम॥

रहे फ़क़ीरी में भी मस्ती,

             मस्ती के मतवाले हम।

राजा हम उत्तर-प्रदेश के,

       मैं ना स्वयं को  कहते हम॥

ऋणी रहेंगे  उन गुरुओं के,

            शिक्षा जिनसे पाए हम।

जीवन में हम जहाँ भी पहुँचे,

            आभारी बहुतों के हम॥

कष्टों से संघर्ष किया है,

      सहज ना कुछ भी पाए हम।

समस्याओं के मध्य पलें हैं,

             आँधी से टकराए हम॥

यही प्रार्थना कर्म-वाणी से,

       कष्ट किसी को  ना दें हम।

जन्मदिवस पर यही प्रतिज्ञा,

       सतत प्रगति कर पाएँ हम॥

श्रम से कभी ना आँख चुराएँ,

           विपदा से लड़ पाएँ हम।

स्वप्न यही है प्रेम स्नेह से,

          जीवन सदा बिताएँ हम॥

प्रेम सुगन्ध में जीवन बीते,

               प्रेम सदा दे पाएँ हम।

प्रेम शक्ति है प्रेम है पूजा,

              गीत प्रेम के गाएँ हम॥प्रतिक्षण तेरा ध्यान लगाएँ,

         ध्यान में तुझको पाएँ हम।

तुम्हीं आदि हो तुम्हीं अन्त हो,

              प्रेम तुम्हारा पाएँ हम॥

शिव की कृपा सदा ही बरसे,

            शिवधाम को जाएँ हम।

शिवत्व प्राप्त हो यही कामना,

         शिवमय ही हो जाएँ हम॥

Tuesday, February 1, 2022

राजनीति का खिलाड़ी : भ्रष्टाचारी या व्यापारी 

लेखक : प्रखर श्रीवास्तव 

यह बात सार्थक सत्य है कि वर्तमान समय में राजनीति को पूँजीपतियों की आवश्यकता फंड के लिए होती है और पूँजीपतियों को राजनीति की आवश्यकता दंड में छूट और स्वयं के स्वार्थ आधारित अर्थ के पैमाने निर्धारित करने के लिए होती है , ऐसे में सम-सामायिक परिदृश्य में आपके आस-पास के कितने राजनेता पूर्व व्यापारी रहें है और कितने वरिष्ठ व्यापारी शहर में सक्रिय नेता होते नज़र आ रहे हैं यह आप जाने परन्तु इन दोनों पक्षों के मध्य भ्रष्टाचार कब , कैसे पनपता है और कितना , किस अवधि तक किस पर हावी रहता है यह विचार करने योग्य विषय है | तमाम समय काल पर पार्टी कभी सत्ता में होती तो कभी विपक्ष में पर कभी भी किसी राजनैतिक पार्टी का कोई गुप्त साथी एक विशेष व्यापारी वर्ग नहीं होता | पूँजीपति समूह भी  समय , जनमत , परिस्थिति व अपने विवेक अपनी सहजता अनुसार अपनी वफादारी एक पार्टी से दूसरी पार्टी की ओर बदलते रहते हैं |

ऐसे व्यापारी जो व्यवसाय से राजनीति में शरीक हुए हैं वर्तमान समय में उनकी संख्या 143 है जबकि कुल सांसदों की संख्या 282 है |

पूर्व आर.बी.आई गवर्नर रघुराम राजन ने अपने एक लेख “ क्या भारत को शिष्ट जनतंत्र का खतरा है ” में कहा है कि – गरीबों को बदतर हो चुकी सार्वजनिक सेवाओं से पार पाने के लिए व्यवहार कुशल राजनेताओं की जरूरत पड़ती है राजनीति को भ्रष्ट पूँजीपतियों की जरूरत है जो उनके लिए धन उपलब्ध कराए ताकि वह गरीबों को उपकृत कर सकें और चुनाव लड़ सकें | भ्रष्ट पूँजीपतियों को सस्ते दामों पर प्राकृतिक संसाधनों को हासिल करने के साथ ही अपने निवेशों के लिए कर्ज भी चाहिए | 

राजनैतिक पार्टियों को आर्थिक रूप से सशक्त कारोबारियों को चुनाव लड़ने के लिए पैसा नही देना पड़ता और दूसरी तरह कारोबारियों को सत्ता से सटने का अवसर मिलता है जिसके चलते उनको उनके व्यावसायिक क्षेत्र से सम्बन्धित विभागों व समितियों का सदस्य , सचिव व अध्यक्ष बना दिया जाता है | ऐसे में तमाम सब्सिडी और विभिन्न मुफ्त सरकारी सुविधाएँ और मोटी तनख्वाह भोगते हुए जनता के जनसेवक यानि की आपके और हमारे विधायक , सांसद और मंत्री किस दिलचस्पी के भाव से स्कूल बनवाएँगे , कैसे पुलिस व्यवस्था दुरुस्त रखेंगे और क्यों अस्पताल बनवाएंगे जब उन्होंने खुद ही नर्सिंग होम , निजी स्कूल और सुरक्षा एजेंसियों में निवेश कर रखा हो |

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