Tuesday, February 1, 2022

राजनीति का खिलाड़ी : भ्रष्टाचारी या व्यापारी 

लेखक : प्रखर श्रीवास्तव 

यह बात सार्थक सत्य है कि वर्तमान समय में राजनीति को पूँजीपतियों की आवश्यकता फंड के लिए होती है और पूँजीपतियों को राजनीति की आवश्यकता दंड में छूट और स्वयं के स्वार्थ आधारित अर्थ के पैमाने निर्धारित करने के लिए होती है , ऐसे में सम-सामायिक परिदृश्य में आपके आस-पास के कितने राजनेता पूर्व व्यापारी रहें है और कितने वरिष्ठ व्यापारी शहर में सक्रिय नेता होते नज़र आ रहे हैं यह आप जाने परन्तु इन दोनों पक्षों के मध्य भ्रष्टाचार कब , कैसे पनपता है और कितना , किस अवधि तक किस पर हावी रहता है यह विचार करने योग्य विषय है | तमाम समय काल पर पार्टी कभी सत्ता में होती तो कभी विपक्ष में पर कभी भी किसी राजनैतिक पार्टी का कोई गुप्त साथी एक विशेष व्यापारी वर्ग नहीं होता | पूँजीपति समूह भी  समय , जनमत , परिस्थिति व अपने विवेक अपनी सहजता अनुसार अपनी वफादारी एक पार्टी से दूसरी पार्टी की ओर बदलते रहते हैं |

ऐसे व्यापारी जो व्यवसाय से राजनीति में शरीक हुए हैं वर्तमान समय में उनकी संख्या 143 है जबकि कुल सांसदों की संख्या 282 है |

पूर्व आर.बी.आई गवर्नर रघुराम राजन ने अपने एक लेख “ क्या भारत को शिष्ट जनतंत्र का खतरा है ” में कहा है कि – गरीबों को बदतर हो चुकी सार्वजनिक सेवाओं से पार पाने के लिए व्यवहार कुशल राजनेताओं की जरूरत पड़ती है राजनीति को भ्रष्ट पूँजीपतियों की जरूरत है जो उनके लिए धन उपलब्ध कराए ताकि वह गरीबों को उपकृत कर सकें और चुनाव लड़ सकें | भ्रष्ट पूँजीपतियों को सस्ते दामों पर प्राकृतिक संसाधनों को हासिल करने के साथ ही अपने निवेशों के लिए कर्ज भी चाहिए | 

राजनैतिक पार्टियों को आर्थिक रूप से सशक्त कारोबारियों को चुनाव लड़ने के लिए पैसा नही देना पड़ता और दूसरी तरह कारोबारियों को सत्ता से सटने का अवसर मिलता है जिसके चलते उनको उनके व्यावसायिक क्षेत्र से सम्बन्धित विभागों व समितियों का सदस्य , सचिव व अध्यक्ष बना दिया जाता है | ऐसे में तमाम सब्सिडी और विभिन्न मुफ्त सरकारी सुविधाएँ और मोटी तनख्वाह भोगते हुए जनता के जनसेवक यानि की आपके और हमारे विधायक , सांसद और मंत्री किस दिलचस्पी के भाव से स्कूल बनवाएँगे , कैसे पुलिस व्यवस्था दुरुस्त रखेंगे और क्यों अस्पताल बनवाएंगे जब उन्होंने खुद ही नर्सिंग होम , निजी स्कूल और सुरक्षा एजेंसियों में निवेश कर रखा हो |

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