निकोला टेस्ला 19वीं शताब्दी के महान अविष्कारों में से एक थे, हालांकि वो अपने महान प्रतिद्वंदी थॉमस एडिसन जैसे लोकप्रिय नहीं हुए, दिलचस्प यह भी है कि थॉमस एडिसन उनके बॉस थे | आज हम अपने घरों में जो बिजली इस्तेमाल करते हैं उसे विकसित करने में महान वैज्ञानिक निकोला टेस्ला का बड़ा योगदान है |
एडिसन, डायरेक्ट करंट DC को ज्यादा बेहतर मानते थे जो 100 वोल्ट की पावर पर काम करता था उसे दूसरे वोल्टेज में बदलना भी मुश्किल था | लेकिन टेस्ला का सोचना था कि अल्टरनेटिव करंट AC डायरेक्ट करंट DC से बेहतर है, क्योंकि उसे एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाना आसान था |
जीत टेस्ला की हुई, लेकिन इतिहास में फादर ऑफ इलेक्ट्रिसिटी थॉमस एडिसन को कहा गया |
साउथ अफ्रीका के व्यापारी एलन मस्क का शुक्रिया अदा करना होगा जिन्होंने बिजली से चलने वाली कारों की कंपनी को टेस्ला नाम दिया| मस्क कंपनी में कार्यकारी निदेशक के रूप में काम कर रहे हैं और उनकी कंपनी विशेष रूप से बिजली से चलने वाली कारें बनाती हैं |
निकोला टेस्ला ने विद्युत के अविष्कार के अलावा कई तरह की भविष्यवाणी भी की थी, जो दशकों बाद सच साबित होती दिखती हैं| उनकी कुछ सबसे महत्वपूर्ण भविष्यवाणियों में कमर्शियल हाई स्पीड एयरक्राफ्ट, ड्रोन,मोबाइल फोन, वाईफाई आदि शुमार हैं |
• वाईफाई ~ वायरस टेक्नोलॉजी के जुनून के चलते टेस्ला ने डाटा ट्रांसमिशन पर केंद्रित कई अविष्कार करने के साथ ही उससे जुड़े कई सिद्धांतों को भी विकसित किया था |
गुइलेमो मारकोनी ने सबसे पहले अटलांटिक भर में मोस्ट कोड के जरिए पत्र भेजे, लेकिन टेस्ला इससे आगे कुछ करना चाहते थे, उन्होंने संभावना जताई थी कि पूरी दुनिया में एक दिन टेलीफोन सिग्नल, दस्तावेज, संगीत की फाइलें और वीडियो भेजने के लिए वायरस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा|
आज इंटरनेट की दुनिया में यह सब करना संभव है हालांकि इसमें उनका कोई योगदान नहीं है, उनकी यह भविष्यवाणी 1990 में वर्ल्ड वाइड वेब यानी WWW के अविष्कार के साथ सच हुई |
• मोबाइल फोन ~ टेस्ला ने 1926 में एक अमेरिकन कंपनी को दिए इंटरव्यू में भविष्य के अपने एक और पूर्वानुमान का जिक्र किया था, उन्होंने वीडियो संगीत और डाटा फाइल ट्रांसफर करने के अपने आइडिया को पॉकेट टेक्नोलॉजी का नाम दिया, उन्होंने स्मार्ट फोन के अविष्कार के 100 साल पहले ही इसकी भविष्यवाणी कर दी थी |
लेकिन टेस्ला ने क्या सोचा होगा कि मोबाइल हमारी जिंदगी का इतना अहम हिस्सा बन जाएगा |
• ड्रोन ~ साल 1898 में टेस्ला ने बिना तार वाला और रिमोट से नियंत्रित होने वाला एक ऑटोमेशन प्रदर्शित किया था, आज हम इसे रिमोट से चलने वाली टॉय शिप या ड्रोन कहते हैं |
• कमर्शियल हाई स्पीड एयरक्राफ्ट ~ निकोला टेस्ला ने कल्पना की थी कि ऐसे एयरक्राफ्ट होंगे जो दुनिया भर में तेज गति से और देशों के बीच कमर्शियल रूट पर यात्रा करेंगे, इन एयरक्राफ्ट में बहुत से यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी|
टेस्ला ने कहा था वायरलेस पावर का सबसे अहम इस्तेमाल ईंधन के बिना उड़ने वाली मशीनों में होगा, जो लोगों को न्यूयार्क से यूरोप तक कुछ ही घंटों में पहुंचा देंगी |
उस वक्त इन बातों को शायद पागलपन समझा जाता होगा, लेकिन टेस्ला एक बार फिर सही थे | जहां तक बिना ईंधन के उड़ने वाले और बिजली से चलने वाले विमानों की बात है तो वो अब भी भविष्य का एक सपना है|
वायरलेस कम्युनिकेशन, रोबोटिक्स, लॉजिक गेट जैसी नई टेक्नोलॉजी से उन्होंने देखने वालों को हैरान कर दिया था| टेस्ला मानते थे कि 1 दिन रिमोट से चलने वाली मशीने लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएंगी, जोकि हुआ भी...
टेस्ला न सिर्फ तेज बुद्धि के महीन वैज्ञानिक थे बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी अपने विचार बड़ी बेबाकी से प्रस्तुत करते थे | वर्ष 1926 के कॉर्डलिएस अखबार में पत्रकार जॉन कैनेडी को दिए एक साक्षात्कार चर्चा पर आधारित उनका लेख 'When Women is Boss' शीर्षक के साथ प्रकाशित हुआ जो कि काफी चर्चा में रहा, जो इस बात के भी व्यक्ति भी करता है कि 68 वर्षीय टेस्ला महिलाओं की कितनी इज्जत करते थे|
टेस्ला मानते थे कि महिलाएं बेहतर शिक्षा रोजगार और समाज में प्रभावशाली बनने के लिए वायरलेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेंगी, हालांकि बीती सदी में टेक्नोलॉजी को सामाजिक और राजनैतिक जिंदगी में महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़ना मुश्किल है |
ये जरूर देखा गया है कि महिलाएं तकनीक के क्षेत्र में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं, फिर क्या है याहू की निदेशक कंप्यूटर इंजीनियर मारिसा मेयर हों या फेसबुक की राम्या बालकृष्णन क्यों न हों |
हाल ही में जब एलन मस्क ने अपनी शानदार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कंपनी को टेस्ला नाम दिया, तो युवा वर्ग में बिना निकोला टेस्ला के काम को जाने टेस्ला #ट्रेंड कराने की होड़ सी मच गई थी, हमें लगा कि ऐसा होना न्याय प्रिय नहीं है, इसलिए इस लेख के माध्यम से निकोला टेस्ला के जीवन के उन तमाम हिस्सों और योगदानों को आप पाठकों के समक्ष पेश किया गया |
साभार : हिस्टोरिक हिंदी
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